विदेश मंत्रालय ने बताया कि भारत ने वाशिंगटन डीसी में आयोजित बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक में पर्यवेक्षक देश के रूप में हिस्सा लिया और गाजा में शांति स्थापित करने के प्रयासों का समर्थन किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रंधीर जायसवाल ने कहा कि भारत यूएनएससी (United Nations Security Council) के प्रस्ताव 2803 के तहत चल रहे सभी प्रयासों के साथ खड़ा है और डोनाल्ड ट्रंप की गाजा पीस प्लान पहल का स्वागत करता है।
वाशिंगटन बैठक में भारत की भागीदारी
वाशिंगटन डीसी में हुई इस बैठक में 40 से अधिक देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें कई राष्ट्राध्यक्ष भी शामिल थे। भारत का प्रतिनिधित्व नमग्या खम्पा ने किया, जो वहां स्थित भारतीय दूतावास में चार्ज डी’अफेयर्स के रूप में कार्यरत हैं।
संयुक्त बयान पर भारत की स्थिति स्पष्ट
विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि बैठक के दौरान जारी संयुक्त बयान, जिसमें वेस्ट बैंक में एकतरफा कदमों पर चिंता जताई गई थी, उस पर भारत की स्थिति पूर्व में व्यक्त रुख के अनुरूप है। प्रवक्ता ने कहा कि यह दस्तावेज संयुक्त राष्ट्र की औपचारिक सहमति प्रक्रिया जैसा नहीं था।
भारत-अरब संवाद में दोहराया रुख
विदेश मंत्रालय ने 31 जनवरी को जारी दूसरी भारत-अरब विदेश मंत्रियों की बैठक के दिल्ली घोषणा पत्र का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत मध्य पूर्व में न्यायपूर्ण, व्यापक और स्थायी शांति का समर्थन करता है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय कानून और संबंधित यूएन प्रस्तावों के अनुरूप 1967 की सीमाओं के आधार पर एक संप्रभु फिलिस्तीनी राज्य की स्थापना के पक्ष में अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। (इनपुट: आईएएनएस)


