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भूकंप से दहला इंडोनेशिया, रिक्टर स्केल पर तीव्रता 6.7 रिकॉर्ड

संयुक्त राज्य भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि गुरुवार को इंडोनेशिया के पापुआ प्रांत में 6.7 तीव्रता का भूकंप आया। यूएसजीएस ने बताया कि भूकंप का केंद्र जमीन से 70 किलोमीटर (43.5 मील) की गहराई में था। पैसिफिक सुनामी वॉर्निंग सेंटर ने भूकंप के बाद सुनामी की चेतावनी जारी नहीं की है।

यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र अबेपुरा शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर था, जिसकी आबादी 62,000 से ज्यादा है

यूएसजीएस के अनुसार, भूकंप का केंद्र अबेपुरा शहर से लगभग 200 किलोमीटर दूर था, जिसकी आबादी 62,000 से ज्यादा है। इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान विभाग, इंडोनेशियाई मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और भूभौतिकी एजेंसी यानी बीएमकेजी के अनुसार, भूकंप 6.6 तीव्रता का था, जो सारमी-पापुआ से 61 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में था।

10 अक्टूबर को, दक्षिणी फिलीपींस के तट पर दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी

इससे पहले, 10 अक्टूबर को, दक्षिणी फिलीपींस के तट पर दो शक्तिशाली भूकंप आए थे, जिसके बाद फिलीपींस और इंडोनेशिया के लिए सुनामी की चेतावनी जारी की गई थी। भूकंप में कम से कम सात लोगों की मौत हो गई थी और भूकंप केंद्र के पास के शहरों में बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा था।

विशाल द्वीप समूह वाला देश इंडोनेशिया प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है

विशाल द्वीप समूह वाला देश प्रशांत महासागर के “रिंग ऑफ फायर” पर स्थित है। जिस वजह से यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं, जहां टेक्टोनिक प्लेट्स टकराती हैं और यह जापान से दक्षिण पूर्व एशिया से होते हुए प्रशांत बेसिन तक फैला रहता है।

जनवरी 2021 में सुलावेसी में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 100 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि हजारों बेघर हो गए थे

जनवरी 2021 में सुलावेसी में आए 6.2 तीव्रता के भूकंप में 100 से अधिक लोग मारे गए थे जबकि हजारों बेघर हो गए थे। इससे पहले 2018 में पालु में 7.5 तीव्रता के भूकंप और उसके बाद आई सुनामी में 2 हजार से ज्‍यादा लोग मारे गए थे। 2004 में आचे प्रांत में 9.1 तीव्रता का भूकंप आया था, जिससे सुनामी आई और इंडोनेशिया में 1,70,000 से ज्‍यादा लोगों की मौत हो गई थी। प्राकृतिक आपदा से लगातार इंडोनेशिया दो-चार होता रहा है। पिछले सप्ताह ही शुक्रवार को, पूर्वी नुसा तेंगारा में माउंट लेवोटोबी लाकी-लाकी ज्वालामुखी से 10 किलोमीटर (6.2 मील) ऊंचा राख का गुबार दिखा था।(इनपुट-आईएएनएस)

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