लेह जिला प्रशासन ने सोशल मीडिया पर अफवाह, फेक न्यूज और भ्रामक सूचनाओं के प्रसार पर रोक लगाने के लिए सख्त आदेश जारी किया है। जिला मजिस्ट्रेट रोमिल सिंह डोंक ने आदेश जारी करते हुए कहा कि सोशल मीडिया के माध्यम से फैल रही झूठी खबरें और अफवाहें कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं, इसलिए इस पर रोक आवश्यक है।
आदेश के अनुसार, कोई भी व्यक्ति लेह जिले की सीमा के भीतर किसी भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी खबरें, अफवाहें या अपुष्ट सूचनाएं साझा, प्रसारित या फॉरवर्ड नहीं कर सकेगा।
साथ ही, सोशल मीडिया ग्रुप के एडमीन को भी निर्देश दिया गया है कि वे अपने-अपने ग्रुप में साझा किए जा रहे कंटेंट की निगरानी करें। यदि कोई संदेश भ्रामक, गलत या अफवाह फैलाने वाला पाया जाता है, तो उसे तुरंत डिलीट किया जाए। साथ ही, व्हाट्सएप ग्रुप्स में एडमिन ओनली मोड सक्रिय करने के भी निर्देश दिए गए हैं ताकि गलत सूचनाओं के प्रसार को रोका जा सके।
आदेश में यह स्पष्ट रुप से कहा गया है कि फेक न्यूज, अफवाह या गलत जानकारी तैयार करने, साझा करने या आगे बढ़ाने वाले व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कार्रवाई प्रासंगिक कानूनों और धाराओं के तहत की जाएगी।
जिला मजिस्ट्रेट ने कहा कि यह आदेश जनसुरक्षा और सार्वजनिक शांति बनाए रखने के हित में जारी किया गया है और इसे एकपक्षीय रूप में लागू किया गया है। यह आदेश जारी होने की तारीख से दो महीने तक या अगले आदेश आने तक, जो भी पहले हो, प्रभावी रहेगा।
आदेश में आगे कहा गया है कि लेह प्रशासन सोशल मीडिया पर गलत जानकारी फैलाने वालों पर कड़ी नजर रखेगा और कानून-व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख के लेह में तीन सप्ताह से जारी प्रतिबंधों के बाद गुरुवार को प्रशासन ने इंटरनेट सेवाओं को बहाल कर दिया और स्कूल-कॉलेजों सहित सभी शैक्षणिक संस्थान अब सुचारू रूप से चल रहे हैं। इसके साथ ही सार्वजनिक परिवहन और अन्य नागरिक गतिविधियों को भी शुरू कर दिया गया है। (इनपुट-आईएएनएस)


