भारत में निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस महेन्‍द्रगिरि’ को नौसेना में शामिल किया गया

भारतीय नौसेना ने शनिवार को आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में आयोजित एक समारोह में स्वदेशी रूप से निर्मित उन्नत स्टील्थ फ्रिगेट ‘आईएनएस महेन्‍द्रगिरि’ को अपने पूर्वी बेड़े में शामिल किया।

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में इस अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत को असाधारण डिजाइन क्षमताओं, विनिर्माण उत्कृष्टता, नौसेना-औद्योगिक तंत्र के तीव्र विकास और समय पर अत्याधुनिक प्लेटफॉर्म प्रदान करने की क्षमता के आधार पर जहाज निर्माण में भारत की बढ़ती आत्मनिर्भरता का प्रतीक बताया।

राजनाथ सिंह ने विश्वास व्‍यक्‍त करते हुए कहा, “आईएनएस महेन्‍द्रगिरि को दुनिया की सबसे तेज और सबसे घातक क्रूज मिसाइलों में से एक ब्रह्मोस सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइल से सुसज्जित किया जा सकता है। इसमें बहुक्रियाशील रडार और सतह से वायु में मार करने वाली मिसाइलें लगी है जो लंबी दूरी पर हवाई खतरों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने में सक्षम है। इसके शस्त्रागार में स्वदेशी रॉकेट लॉन्चर, टॉरपीडो लॉन्चर, एकीकृत पनडुब्बी रोधी रक्षा प्रणाली, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध प्रणाली और क्लोज-इन वेपन सिस्टम भी शामिल हैं। ये सभी क्षमताएं युद्धपोत को दुर्जेय और अभेद्य बनाती हैं।”

उन्होंने यह भी कहा कि यह “समुद्री पोत” न केवल तट के पास बल्कि गहरे महासागरों में भी भारत के समुद्री हितों की रक्षा करेगा।

‘आईएनएस महेन्‍द्रगिरि’ प्रोजेक्‍ट 17ए के अंतर्गत आने वाला छठा स्वदेशी स्टील्थ फ्रिगेट है जिसे मात्र डेढ़ वर्ष के अंतराल में भारतीय नौसेना में शामिल किया गया है। इस श्रृंखला का पहला जहाज ‘आईएनएस नीलगिरि’ जनवरी 2025 में शामिल किया गया इसके बाद अगस्त में ‘आईएनएस उदयगिरि’ और ‘आईएनएस हिमगिरि’, इस वर्ष अप्रैल में ‘आईएनएस तारागिरि’ और पिछले महीने ‘आईएनएस दुनागिरि’ को शामिल किया गया।

भारतीय नौसेना के वॉरशिप डिजाइन ब्यूरो द्वारा डिजाइन किया गया और मुंबई स्थित मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड (एमडीएल) द्वारा निर्मित यह जहाजी बेड़ा वायु रक्षा, सतह-विरोधी युद्ध, पनडुब्बी-रोधी युद्ध, समुद्री अवरोधन, निगरानी और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (एचएडीआर) सहित समुद्री अभियानों को पूरा करने में सक्षम है।

75 प्रतिशत से अधिक स्वदेशी सामग्री से निर्मित इस युद्धपोत का विस्थापन लगभग 6,670 टन है और यह 28 समुद्री मील प्रति घंटे तक की गति प्राप्त करने में सक्षम है। यह सुपरसोनिक सतह से सतह पर मार करने वाली मिसाइलों, मध्यम दूरी की सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों, पनडुब्बी रोधी युद्ध क्षमताओं और एक बहु-भूमिका वाले हेलीकॉप्टर से सुसज्जित है, साथ ही इसमें उन्नत स्टील्थ विशेषताएं, आधुनिक सेंसर, नेटवर्क-केंद्रित युद्ध प्रणाली और अत्याधुनिक हथियार भी मौजूद हैं।