अमेरिका में ब्याज दर 23 साल के सर्वोच्च स्तर पर, जुलाई 2023 से लगातार 6ठीं बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं 

अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने ब्याज दरों में कोई भी बदलाव नहीं किया है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व की दो दिन तक चली बैठक के पश्चात चेयरमैन जेरोम पॉवेल ने इसका ऐलान किया है। इसी के साथ ब्याज दरें 5.25 से 5.50 के बीच बरकरार रखी गई हैं। यह लगातार छठा मौका है जब फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफएमसी) ने ब्याज दरों को यथावत रखा है। 

एफएमसी ने कहा- ‘महंगाई दर के टारगेट रेंज को घटाना इस समय सही नहीं’

इस समय ये ब्याज दरें दो दशक यानी करीब 23 साल के सबसे ऊंचे स्तर पर हैं। फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (एफएमसी) ने कहा कि महंगाई दर के टारगेट रेंज को घटाना इस समय सही नहीं। जब तक इस बात का भरोसा नहीं हो जाता कि अमेरिका में महंगाई दर दो फीसदी के नीचे जा रही है तब तक ब्याज दरों में कटौती का फैसला नहीं लिया जा सकता। 

ब्याज दरों में जून 2022 से साढ़े पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई

एफएमसी के सदस्यों ने बहुमत से आम राय से ब्याज दरों को बिना बदलाव के यथावत रखने का फैसला लिया। दरअसल 40 साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच चुकी महंगाई पर काबू पाने के लिए ब्याज दरों में जून 2022 से साढ़े पांच फीसदी की बढ़ोतरी की गई है। 

अमेरिका में अब भी अनिश्चितता, महंगाई का खतरा बरकरार

फेडरल रिजर्व ने कहा कि अमेरिका में अब भी अनिश्चितता बनी हुई है और महंगाई का खतरा बरकरार है। इस पर अमेरिका के केंद्रीय बैंक का कहना है कि जब तक महंगाई दर विश्वसनीय रूप से दो फीसदी के नीचे नहीं आ जाती ब्याज दरों में कमी का सवाल ही पैदा नहीं होता। 

RELATED ARTICLES

30/05/26 | 12:43 pm | Bodh Gaya Myanmar President welcome

बोधगया पहुंचे म्यांमार के राष्ट्रपति यू मिन आंग ह्लाइंग, राज्यपाल हसनैन ने किया स्वागत

म्यांमार के राष्ट्रपति मिन आंग ह्लाइंग ने अपने भारत दौरे की शुरुआत बिहार के बोधगया से की, जहां उ...

30/05/26 | 11:47 am | Ajit Doval Moscow security forum

आतंकवाद के खिलाफ भारत का सख्त रुख, सीमा पार समर्थन देने वाले देशों पर वैश्विक कार्रवाई की अपील

विदेश मंत्रालय ने एक बार फिर स्पष्ट किया है कि भारत आतंकवाद के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर क...