घरेलू कंपनियों द्वारा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (क्यूआईपी) के जरिए फंड जुटाने की प्रक्रिया 2024 में अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। इसमें 99 इश्यू के तहत अलग-अलग सेक्टरों में कुल 1,41,482 करोड़ रुपये का निवेश आया। गुरुवार को जारी एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी गई है।
रियल एस्टेट एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा
‘क्यूआईपी’ लिस्टेड कंपनियों के लिए बाजार नियामकों की पूर्वानुमति के बिना ‘पूंजी जुटाने’ का एक सरल तरीका है। इस मामले में रियल एस्टेट एक प्रमुख योगदानकर्ता के रूप में उभरा, जिसमें आठ डेवलपर्स और एक रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट (आरईआईटी) ने सामूहिक रूप से 22,320 करोड़ रुपये क्यूआईपी से जुटाए।
पिछले साल कुल क्यूआईपी में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत रही
एनारॉक ग्रुप की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल कुल क्यूआईपी में रियल एस्टेट की हिस्सेदारी 16 प्रतिशत रही। यह साल 2023 की तुलना में एक महत्वपूर्ण बदलाव है क्योंकि साल 2023 में केवल 43 क्यूआईपी इश्यू ने 55,109 करोड़ रुपये जुटाए और रियल एस्टेट की इस स्पेस में कोई गतिविधि नहीं रही।
साल 2024 पिछले 11 साल में सबसे ज्यादा क्यूआईपी फंड जुटाने का साल रहा
साल 2024 पिछले 11 साल में सबसे ज्यादा क्यूआईपी फंड जुटाने का साल रहा, जिसमें रियल एस्टेट ने मजबूत वापसी की। संस्थागत निवेशकों ने इस सेक्टर की लंबी अवधि की वृद्धि में भरोसा दिखाया। एनारॉक ग्रुप के चेयरमैन अनुज पुरी ने कहा, “2024 में क्यूआईपी फंड जुटाने में उछाल देश के आर्थिक बुनियादी ढांचे में मजबूत संस्थागत विश्वास के बीच रियल एस्टेट क्षेत्र की निरंतर ताकत को उजागर करता है।”
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद क्यूआईपी गतिविधि में उछाल
भारतीय शेयर बाजार में भारी उतार-चढ़ाव के बावजूद क्यूआईपी गतिविधि में उछाल आया। साल की शुरुआत में रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने के बाद, वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और मौद्रिक नीतियों में बदलाव के कारण निफ्टी और सेंसेक्स दोनों में तेज गिरावट देखी गई। जहां खुदरा निवेशकों ने बाजार में उतार-चढ़ाव पर सतर्कता से अपना रुख तय किया,वहीं संस्थागत निवेशकों ने लंबी अवधि की संभावना वाले क्षेत्रों, खासकर रियल एस्टेट में निवेश जारी रखा।
पुरी ने कहा, “बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद, पूंजी बाजार मजबूत बना हुआ है और कंपनियां लगातार रणनीतिक निवेश आकर्षित कर रही हैं।” उन्होंने कहा कि मजबूत वित्तीय स्थिति आगामी रियल एस्टेट विकास के बड़े पैमाने पर प्रवाह को सपोर्ट करती है। इससे पहले, पिछले साल के पहले नौ महीने में रियल एस्टेट डेवलपर्स ने क्यूआईपी के जरिए 12,801 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो कुल क्यूआईपी के 17 प्रतिशत से अधिक था। (इनपुट-आईएएनएस)