डाक विभाग और टीएएफएस ने मनाया 51वां स्थापना दिवस, वित्तीय शासन और डिजिटल सुधारों पर हुई चर्चा

भारतीय डाक विभाग और दूरसंचार लेखा और वित्त सेवा (आईपी एंड टीएएफएस) ने सोमवार को यहां अपना 51वां स्थापना दिवस, ‘संचार वित्त लेखा दिवस’ के रूप में मनाया। 

आईपी एंड टीएएफएस ने समय के साथ अपनी भूमिका का विस्तार किया

केंद्रीय संचार मंत्रालय ने बताया कि सम्मेलन में वित्त, लेखा, पेंशन, प्रशिक्षण और डिजिटल सुधारों समेत तमाम विषयों पर चर्चा की गई। संचार लेखा महानियंत्रक वंदना गुप्ता ने राजस्व आश्वासन, लाइसेंस शुल्क, स्पेक्ट्रम उपयोग शुल्क, आंतरिक लेखा परीक्षा और पेंशन प्रबंधन जैसी जिम्मेदारियों का उल्लेख करते हुए कहा कि आईपी एंड टीएएफएस ने समय के साथ अपनी भूमिका का विस्तार किया है।

डिजिटल अनुप्रयोगों के महत्व के बारे में बताया गया

दूरसंचार विभाग में सलाहकार (वित्त) दर्शन एम डाबराल ने आत्ममंथन की आवश्यकता जोर देते हुए कहा कि उदारीकरण तथा डिजिटल परिवर्तन के दौर में आईपी एंड टीएएफएस सेवा प्रदाता से नियामक और रणनीतिक वित्तीय साझेदार के रूप में विकसित हुई है। उन्होंने संपन्न, आईटी 2.0 और सरस जैसे डिजिटल अनुप्रयोगों के महत्व को भी बताया।

सम्मेलन में कई सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए

संचार मंत्रालय में वित्त लेखा प्रभाग के वरिष्ठ उप महानिदेशक (पीएएफ) राजीव कुमार ने कहा कि सेवा ने निरंतर स्वयं को विकसित किया है, जिसमें वरिष्ठ और सेवानिवृत्त अधिकारियों की मार्गदर्शक भूमिका अहम रही है। अपर नियंत्रक महालेखाकार आस्था सक्सेना ने सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन प्रणाली (पीएफएमएस) के माध्यम से संचार वित्त और नियंत्रक महालेखाकार के बीच सहयोग को बताया। 

सम्मेलन में कई सेवानिवृत्त अधिकारियों ने अपने अनुभव साझा किए। साथ ही संपन्न 2.0, आईटी 2.0 और राजस्व आश्वासन जैसे विषयों पर चर्चा की गई। (इनपुट-एजेंसी)