इजरायल के प्रधानमंत्री नेतन्याहू 2026 के संसदीय चुनावों में लेंगे हिस्सा, जीत का भरोसा जताया

इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार को घोषणा की कि वे 2026 के संसदीय चुनावों में हिस्सा लेंगे। गाजा में इजरायल और हमास के बीच दो साल चले युद्ध के बाद हुए युद्धविराम के बीच उन्होंने यह निर्णय लिया। नेतन्याहू ने इजरायली मीडिया के साथ एक इंटरव्यू में कहा कि वे एक और कार्यकाल के लिए चुनाव लड़ना चाहते हैं और उन्हें जीत की उम्मीद है। इससे पहले 2022 के चुनावों में उनके नेतृत्व वाली दक्षिणपंथी लिकुड पार्टी ने 32 सीटें जीती थीं। 120 सीटों वाली इजरायली संसद ने उन्हें सरकार बनाने के योग्य माना और दिसंबर 2022 में उन्होंने प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। तब से वे गठबंधन का नेतृत्व कर रहे हैं।

नेतन्याहू अगले हफ्ते 76 साल के होंगे। उन्होंने पहले 1996 से 1999 और फिर 2009 से 2021 तक इजरायल के प्रधानमंत्री के रूप में कार्य किया। जून 2021 में यायर लापिड और नफ्ताली बेनेट के नेतृत्व वाले मध्यमार्गी गठबंधन ने उन्हें पद से हटाया था।

इजरायली मीडिया के मुताबिक शनिवार रात देश भर में हजारों लोग रैलियों में इकट्ठा हुए और हमास से मृत बंधकों के शवों की वापसी की मांग की। तेल अवीव के बंधक चौक पर आयोजित रैली में हाल ही में रिहा हुए बंधक मतन जंगाउकर की मां, इनाव जंगाउकर ने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 के हमले और सामूहिक अपहरण के बाद राष्ट्रीय पुनर्वास तभी पूरा होगा जब अंतिम शव लौटाए जाएंगे और इसके लिए जिम्मेदार लोग न्याय का सामना करेंगे।

रैलियों से पहले बंधक और लापता परिवारों ने प्रेस बयान में कहा कि बंधकों की वापसी के लिए हुए समझौते का खुलेआम उल्लंघन किया जा रहा है और उनका संघर्ष अभी खत्म नहीं हुआ है।-(IANS)

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