गगनयान के लिए इसरो तैयार, पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट सफल

केंद्र सरकार ने बुधवार को संसद को बताया कि इंटीग्रेटेड मेन पैराशूट एयरड्रॉप टेस्ट (IMAT) की हाल ही में हुए सफल परीक्षण से यह साबित हो गया है कि इसरो अब गगनयान मिशन के लिए तैयार है। यह परीक्षण 3 नवंबर को झांसी, उत्तर प्रदेश स्थित बबीना फील्ड फायरिंग रेंज में किया गया था, जिसमें गगनयान के क्रू मॉड्यूल के मुख्य पैराशूटों की क्षमता को अत्यंत कठिन परिस्थितियों में परखा गया।

लोकसभा में लिखित उत्तर देते हुए अंतरिक्ष विभाग के राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि यह परीक्षण गगनयान की मिशन-तैयारी को मजबूत बनाता है और मानव-रेटिंग प्रक्रिया में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। मंत्री के अनुसार, IMAT में जानबूझकर मुख्य पैराशूटों की डिसरीफिंग प्रक्रिया में देरी की गई ताकि सबसे कठिन अवतरण स्थितियों का परीक्षण हो सके। इस उच्च तनाव वाली स्थिति में भी पैराशूट प्रणाली ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया, जिससे इसकी संरचनात्मक क्षमता और भार सहने की योग्यता साबित हुई।

सरकार ने बताया कि यह सफलता 2027 की पहली तिमाही में भारत के पहले मानव अंतरिक्ष मिशन को भेजने के लक्ष्य को मजबूत आधार देती है। इसरो क्रू मॉड्यूल की पैराशूट प्रणाली और अन्य सभी परीक्षण परिणामों की गहन समीक्षा स्वतंत्र विशेषज्ञ समितियों द्वारा की जाती है, जिनमें डिज़ाइन रिव्यू टीम, स्वतंत्र मूल्यांकन समिति और मानव रेटिंग एवं प्रमाणन के लिए राष्ट्रीय सलाहकार पैनल शामिल हैं। ये समूह सुनिश्चित करते हैं कि मिशन में सुरक्षा के हर पहलू की कठोर जांच हो।

मंत्री ने यह भी कहा कि गगनयान मिशन के लिए अंतरिक्ष यात्रियों का प्रशिक्षण व्यापक स्तर पर जारी है, जिसमें आपातकालीन परिस्थितियों के सिमुलेशन, असामान्य लैंडिंग की स्थिति में जीवित रहने की तकनीक, आपातकालीन किट का उपयोग और मानसिक सहायता जैसे तत्व शामिल हैं। उन्होंने दोहराया कि गगनयान मिशन में क्रू सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और हर परीक्षण से मिली सीख को सिस्टम में सुधार के लिए शामिल किया जा रहा है।

(इनपुटःएजेंसी)