भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शुक्रवार को ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से फोन पर बातचीत कर पश्चिम एशिया में जारी तनाव पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में व्यापारिक जहाजों और समुद्री कर्मचारियों (सीफेयरर्स) पर हमले नहीं होने चाहिए। भारत ने ऐसे किसी भी हमले की, चाहे वह किसी भी पक्ष की ओर से हो, कड़ी निंदा की है।
भारत ने कूटनीति और संवाद पर दिया जोर
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी देते हुए कहा कि बातचीत के दौरान उन्हें मौजूदा घटनाक्रम और चल रही चर्चाओं पर ईरान का पक्ष बताया गया। उन्होंने दोहराया कि भारत हमेशा बातचीत और कूटनीति के माध्यम से विवादों के समाधान का समर्थन करता है।
अमेरिकी सेना ने साझा की अभियान की जानकारी
इस बीच, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अपने अभियान से जुड़ी नई जानकारी साझा की। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने बताया कि उसने मध्य पूर्व में व्यापक निगरानी और नौसैनिक मौजूदगी बनाए रखते हुए कई व्यावसायिक जहाजों का मार्ग बदला है। सेंटकॉम के अनुसार, 30 जुलाई तक उसकी सेनाओं ने 24 व्यावसायिक जहाजों का मार्ग परिवर्तित किया, दो जहाजों को निष्क्रिय किया और दो जहाजों पर सवार होकर जांच की, ताकि सभी गतिविधियां निर्धारित नियमों के अनुरूप सुनिश्चित की जा सकें।
अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ा
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बुधवार को अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नए सैन्य हमले किए। उनका कहना है कि यह कार्रवाई मध्य पूर्व में अमेरिकी बलों पर ईरान की ओर से कथित हमले की कोशिश के जवाब में की गई। इससे पिछले कई महीनों से जारी दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
मिसाइल हमलों के बाद बढ़ी तल्खी
अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, इन हमलों से एक दिन पहले ईरान ने जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें अमेरिकी वायु रक्षा प्रणाली ने निष्क्रिय कर दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले ही चेतावनी दी थी कि यदि अमेरिकी हितों पर हमला करने की कोशिश की गई तो अमेरिका ईरान के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगा।
ईरानी मीडिया ने कई प्रांतों में धमाकों का दावा किया
सेंटकॉम ने ईरान के भीतर हुए नए हमलों के स्थान और दायरे के बारे में विस्तृत जानकारी नहीं दी है। हालांकि, ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार, होर्मोजगान और खुजेस्तान सहित कई दक्षिणी प्रांतों में विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। रिपोर्टों में दावा किया गया कि कुछ हमले तेल प्रतिष्ठानों और फारस की खाड़ी के कुछ द्वीपों के आसपास भी हुए। (इनपुट: आईएएनएस)


