प्रतिक्रिया | Friday, April 04, 2025

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Jal Jeevan Mission: देश में लगभग 89 प्रतिशत स्कूलों और 85 प्रतिशत आंगनवाड़ियों में नल के पानी की आपूर्ति

केंद्र सरकार देश के प्रत्येक ग्रामीण परिवार को नियमित एवं दीर्घकालिक आधार पर गुणवत्ता वाला और पीने योग्य नल का पानी उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। ऐसे में केंद्र सरकार अगस्त, 2019 से राज्यों के साथ साझेदारी में जल जीवन मिशन (जेजेएम) को लागू कर रही है। जल राज्य का विषय होने के कारण, जल जीवन मिशन के तहत पेयजल आपूर्ति योजनाओं/कार्यों की योजना, अनुमोदन, कार्यान्वयन, संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकारों की है। भारत सरकार तकनीकी और वित्तीय सहायता प्रदान करके राज्यों की सहायता करती है।

लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में जल शक्ति राज्य मंत्री श्री वी. सोमण्णा ने जानकारी देते हुए कहा कि राज्य नल कनेक्शन प्रदान किए गए घरों और शेष घरों पर क्षेत्र सर्वेक्षण के माध्यम से या इस संबंध में राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा अपनाई गई पद्धति के अनुसार डेटा (नल कनेक्शनों की कवरेज और मिशन की प्रगति से संबंधित) की रिपोर्ट करते हैं। जल शक्ति मंत्रालय द्वारा ऐसे सर्वेक्षणों का विवरण नहीं रखा जाता है।

जेजेएम डैशबोर्ड पर राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, देश में लगभग 89 प्रतिशत स्कूलों और 85 प्रतिशत आंगनवाड़ियों में नल के पानी की आपूर्ति हो चुकी है।
यह जानकारी आज द्वारा दी गई।

इसके साथ उन्होंने बताया कि राज्यों शासित प्रदेशों में नल कनेक्शनों की कवरेज को दर्ज करने के लिए, जल शक्ति मंत्रालय ने एक मजबूत ऑनलाइन जेजेएम डैशबोर्ड विकसित किया है जो मिशन की राज्य/केंद्र शासित प्रदेश, जिला और गांव-वार प्रगति की जानकारी प्रदान करता है। राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा जेजेएम डैशबोर्ड पर जेजेएम की प्रगति के बारे में डेटा की रिपोर्टिंग के बाद, इसे रिकॉर्ड किया जाता है और जेजेएम डैशबोर्ड पर दिखाई देना शुरू हो जाता है जो सार्वजनिक डोमेन में उपलब्ध है और इसे https://ejalshakti.gov.in/jjmreport/JJMIndia.aspx पर एक्सेस किया जा सकता है।

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आखरी अपडेट: 4th Apr 2025