जल शक्ति मंत्रालय ने मीडिया इंटर्नशिप प्रोग्राम की घोषणा की, कॉलेज छात्रों को हर महीने मिलेंगे 15,000 रुपए

जल शक्ति मंत्रालय ने आज मंगलवार को एक नया इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है, जिसके तहत देशभर के कॉलेज और विश्वविद्यालयों के छात्रों को मंत्रालय की मीडिया और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिलेगा। इस कार्यक्रम में चुने गए उम्मीदवारों को हर महीने 15,000 रुपये का मानदेय और इंटर्नशिप पूर्ण करने पर प्रमाणपत्र दिया जाएगा।

मंत्रालय के जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण विभाग (DoWR, RD & GR) के मुताबिक, यह इंटर्नशिप कार्यक्रम उन छात्रों के लिए है जो किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय या संस्थान से स्नातक (Graduate), परास्नातक (Post Graduate) या शोध (Research) स्तर पर जनसंचार के क्षेत्र में पढ़ाई कर रहे हैं।

कार्यक्रम की अवधि छह से नौ महीने की होगी और इच्छुक उम्मीदवार 24 नवंबर 2025 तक आवेदन कर सकते हैं। आवेदन ऑनलाइन माध्यम से किया जा सकता है, जिसके लिए फॉर्म मंत्रालय की वेबसाइट [https://mowr.nic.in/internship](https://mowr.nic.in/internship) पर उपलब्ध है।

अधिकारियों ने बताया कि यह अवसर उन छात्रों के लिए भी खुला है जिन्होंने जनसंचार, पत्रकारिता या संबंधित क्षेत्र में स्नातक पूरा कर लिया है या जो वर्तमान में परास्नातक (PG) या डिप्लोमा कर रहे हैं। इसके अलावा, किसी मान्यता प्राप्त कॉलेज या विश्वविद्यालय से MBA (Marketing) करने वाले छात्र भी पात्र होंगे, बशर्ते उन्होंने जनसंचार से स्नातक पूरा किया हो।

जल शक्ति मंत्रालय ने हाल ही में ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणाली को डिजिटल रूप देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम भी उठाया है। पिछले सप्ताह पेयजल और स्वच्छता विभाग (DDWS) ने ग्रामीण पाइप्ड वाटर सप्लाई स्कीम (RPWSS) के उन्नत मॉड्यूल का प्रदर्शन किया, जिसे जल जीवन मिशन के अंतर्गत पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के लिए विकसित किया गया है।

DDWS के सचिव अशोक के. के. मीना ने कहा कि RPWSS मॉड्यूल जल आपूर्ति परियोजनाओं के लिए “डिजिटल रजिस्ट्री” का काम करेगा और इसमें हर योजना को एक यूनिक RPWSS ID दी जाएगी। यह यूनिक आईडी प्रत्येक पाइप्ड वाटर स्कीम की डिजिटल पहचान होगी, जिससे पारदर्शिता, जवाबदेही, डेटा-आधारित निगरानी और बेहतर संचालन सुनिश्चित होगा।

उन्होंने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आग्रह किया कि वे नवंबर 2025 तक RPWSS IDs का निर्माण पूरा करें ताकि डेटा की पूर्णता और सटीकता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि यह कदम ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को और स्मार्ट तथा कुशल बनाएगा।-(PIB)

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