जामिया, जेएनयू और अदाणी एयरपोर्ट्स ने रद्द किए तुर्की से समझौते, राष्ट्रीय सुरक्षा बनी प्रमुख वजह

भारत में तुर्की के साथ बढ़ती दूरी अब शिक्षा और विमानन क्षेत्रों में साफ दिखाई देने लगी है। राष्ट्रीय सुरक्षा चिंताओं के चलते देश के प्रमुख विश्वविद्यालयों और कंपनियों ने तुर्की से जुड़े संस्थानों के साथ अपने सभी समझौते रद्द कर दिए हैं। जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय ने आज गुरुवार को घोषणा की कि उसने तुर्की सरकार से संबद्ध सभी शैक्षणिक संस्थानों के साथ अपने समझौता ज्ञापनों (MoUs) को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह घोषणा जामिया ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर की, जिसमें लिखा गया, “राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से जामिया मिलिया इस्लामिया और तुर्की गणराज्य की सरकार से संबद्ध किसी भी संस्थान के बीच कोई भी एमओयू अगले आदेश तक निलंबित किया जाता है। जामिया राष्ट्र के साथ मजबूती से खड़ा है।”

इससे पहले, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) ने भी इसी वर्ष 3 फरवरी को तुर्की के इनोनू विश्वविद्यालय के साथ किए गए सहयोगी अनुसंधान और छात्र आदान-प्रदान के समझौते को राष्ट्रीय सुरक्षा कारणों से निलंबित कर दिया था। इसी क्रम में हैदराबाद स्थित मौलाना आजाद राष्ट्रीय उर्दू विश्वविद्यालय (MANUU) ने भी तुर्की के यूनुस एमरे इंस्टीट्यूट के साथ अपने अकादमिक समझौते को खत्म कर दिया। इन फैसलों के पीछे भारत और तुर्की के बिगड़ते संबंध हैं। तुर्की ने हाल ही में पाकिस्तान का खुलेआम समर्थन किया, खासकर तब जब भारत ने पहलगाम में आतंकी हमले में मारे गए 26 पर्यटकों के बाद ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया। इसके अलावा, भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने हाल ही में एक ऑपरेशन में तुर्की निर्मित “सोंगर” ड्रोन बरामद किए, जिन्हें तुर्की की कंपनी एसिसगार्ड बनाती है। ये ड्रोन पाकिस्तान के पास थे। भारतीय रक्षा अधिकारियों, कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने इन ड्रोन की तस्दीक की। इससे तुर्की और पाकिस्तान के रक्षा सहयोग की गहराई उजागर हुई, जिसने भारत के लिए चिंता बढ़ा दी है।

इसी बीच अदाणी एयरपोर्ट होल्डिंग्स ने भी तुर्की की कंपनी ड्रैगनपास के साथ लाउंज एक्सेस समझौते को रद्द कर दिया है। अदाणी के प्रवक्ता ने बताया कि अब ड्रैगनपास ग्राहक उनके एयरपोर्ट लाउंज का उपयोग नहीं कर सकेंगे, हालांकि अन्य यात्रियों पर इसका कोई असर नहीं होगा। इसके साथ ही, केंद्र सरकार ने तुर्की की ग्राउंड हैंडलिंग कंपनी “सेलेबी एयरपोर्ट सर्विसेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड” की सुरक्षा मंजूरी भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दी। यह कंपनी मुंबई एयरपोर्ट पर 70% ग्राउंड संचालन संभालती है।

नागरिक उड्डयन मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, यह फैसला राष्ट्रीय सुरक्षा के हित में लिया गया है। राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने एक्स पर लिखा, “हमें पूरे भारत से सेलेबी पर प्रतिबंध की मांग मिली थी। राष्ट्रीय हित की रक्षा के लिए सुरक्षा मंजूरी रद्द की गई है।” सेलेबी कंपनी 2008 से भारत में कार्यरत है और रिपोर्टों के अनुसार इसका आंशिक स्वामित्व तुर्की राष्ट्रपति तैयप एर्दोगान की बेटी सुमेये एर्दोगान के पास है। उनकी शादी सेल्कुक बयरक्तर से हुई है, जो बयरक्तर मिलिट्री ड्रोन बनाते हैं– यही ड्रोन पाकिस्तान ने भारत के खिलाफ इस्तेमाल किया।-(IANS)

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