जम्मू-कश्मीर में बसंत का आगमन होते ही श्रीनगर का बादामवारी गार्डन पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन गया है। इस खूबसूरत बाग में बादाम के पेड़ फूलों से लदे हुए हैं, जिससे पूरा बाग अत्यंत मनोरम हो गया है। यह गार्डन हरी पर्वत किले की तलहटी में स्थित है और इसके आसपास हजरत मखदूम साहिब दरगाह और गुरुद्वारा छट्टी पादशाही जैसे सांस्कृतिक स्थल भी हैं, जो इसकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। फ्लोरीकल्चर विभाग ने गार्डन को आकर्षक बनाने के लिए लैवेंडर के पेड़ भी लगाए हैं। इसका उद्देश्य इसे थीम गार्डन में बदलना है, जिससे आने वाले वर्षों में यहां और अधिक पर्यटक आकर्षित होंगे।
बादाम के पेड़ कश्मीर में सबसे पहले खिलने वाले पेड़ों में शामिल हैं, जो आमतौर पर मार्च के मध्य से अप्रैल के मध्य तक फूलों से लदे रहते हैं। इस दौरान बाग में बादाम के फूलों की भीनी-भीनी खुशबू बिखर जाती है, जो प्रकृति प्रेमियों और फोटोग्राफरों के लिए आकर्षण का केंद्र बन जाती है। बादामवारी गार्डन में बहुरंगी फूलों के बीच से दिखता ऐतिहासिक हरी पर्वत किला एक अद्भुत नजारा पेश करता है। पर्यटक यहां घंटों अपना समय बिताते हैं, फूलों की खूबसूरती को निहारते हैं और तस्वीरें खींचकर यादें संजोते हैं।
फ्लोरीकल्चर विभाग के मुताबिक, गार्डन की लोकप्रियता को देखते हुए इसे और आकर्षक बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। हजारों लैवेंडर के पेड़ लगाए गए हैं और इसे थीम गार्डन के रूप में विकसित करने की योजना है। इससे आने वाले वर्षों में यहां और अधिक पर्यटक पहुंचने की उम्मीद है।
बादामवारी गार्डन कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता और सांस्कृतिक समृद्धि का प्रतीक बन गया है। बसंत के मौसम में यह गार्डन प्रकृति प्रेमियों के लिए एक आदर्श स्थल है, जहां वे फूलों की खूबसूरती और शांति का आनंद ले सकते हैं।