पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दौरान चर्चा में आया ‘झालमुरी’ आज सोमवार को नतीजों के दिन ट्रेंड कर रहा है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और एनडीए के नेता ‘झालमुरी’ खाकर बंगाल में पार्टी की बढ़त की खुशियां मना रहे हैं। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के झाड़ग्राम में सड़क किनारे रुकने और झालमुरी का आनंद लेने की व्यापक रूप से साझा की गई तस्वीर के बाद, चुनाव प्रचार के अंतिम चरण में झालमुरी अप्रत्याशित रूप से चर्चा का विषय बन गया। यह दृश्य तुरंत वायरल हो गया और इस पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं आने लगीं, जिनमें मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना भी शामिल है।
बंगाली शब्द ‘झाल’ से व्युत्पन्न इस स्नैक के नाम का अर्थ मसालेदार या तीखा है, जो जल्द ही चुनाव प्रचार में एक प्रतीक बन गया। बाद में, एक चुनावी रैली के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने स्वयं इसमें राजनीतिक रंग भरते हुए कहा, “मैंने झालमुरी खाई, लेकिन टीएमसी को असली झाल (मसाला) महसूस हुआ।”
मतगणना आगे बढ़ने के साथ, भाजपा ने अपनी मजबूत बढ़त बनाए रखी। भाजपा फिलहाल 194 सीटों पर बहुमत के आंकड़े से काफी आगे चल रही है। पार्टी की मजबूत बढ़त को देखते हुए, नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ‘झाल’ के प्रतीक को अपनाया और देश के विभिन्न हिस्सों में इस स्नैक के साथ जश्न मनाया।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने झालमुरी खाते हुए अपनी तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जीत पर जलेबी काफी नहीं, सिर्फ झालमुरी ही काफी है। आज झालमुरी का दिन है, मैं इसे बड़े चाव से खा रहा हूं, इसलिए अगर किसी को इसमें तीखापन महसूस हो तो कृपया बुरा न मानें। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बंगाल की जीत पर हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं। यह जीत आपके मार्गदर्शन और अमित शाह की बेमिसाल मेहनत का नतीजा है। बंगाल के हर एनडीए कार्यकर्ता को जीत की विशेष शुभकामनाएं।
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के रुझानों में भाजपा की बढ़त पर कहा, “मैं बंगाल के जनादेश का आदर करता हूं, बंगाल की जनता को बधाई देता हूं। बंगाल की जनता ने धेय से ऊपर उठकर एक निर्णायक मत दिया है, अपने हितों के लिए मत दिया है, बंगाल के भविष्य के लिए मत दिया है। हम पर भरोसा किया, प्रधानमंत्री नरेंद्र पर भरोसा किया, भाजपा पर, NDA पर भरोसा किया। NDA और भाजपा के कार्यकर्ता के नाते हमारी जिम्मेदारी बनती है। हम इस जनादेश को सिर माथे से लगाते हैं।”
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री और शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे ने इस दिन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि बंगाल में भाजपा का ‘कमल’ खिल उठा है। उन्होंने कहा कि देश के लोकप्रिय और प्रतिष्ठित प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भाजपा ने ममता दीदी को करारी हार का स्वाद चखाया है, विफलता की कड़वी ‘झालमुरी’। गुंडागर्दी और भ्रष्टाचार से तंग आकर पश्चिम बंगाल की जनता ने सच्चे अर्थों में लोकतंत्र की स्थापना की है। उन्होंने विकास, प्रगति, स्थिरता और शांति के लिए अपना वोट डाला है। उन्होंने आगे कहा कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष में श्यामा प्रसाद मुखर्जी की जन्मभूमि में भाजपा की ‘जीत’ ऐतिहासिक थी।
शिंदे ने तृणमूल कांग्रेस के गढ़ को ‘नष्ट’ करने के लिए गृह मंत्री अमित शाह के दशकों के अथक प्रयासों की भी सराहना की और उन्हें भाजपा का ‘चाणक्य’ बताया।
वहीं, भाजपा नेता पश्चिम बंगाल और असम चुनावों में पार्टी के प्रदर्शन का जश्न मनाने के लिए राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा के आवास पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने ‘झालमुरी’ का भी मज़ा लिया। (इनपुट-एजेंसी)


