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चिली के नए राष्ट्रपति चुने गए जोस एंटोनियो कास्ट

जोस एंटोनियो कास्ट चिली के नए राष्ट्रपति बन गए हैं। चुनाव अधिकारियों की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार दक्षिणपंथी रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार कास्ट ने राष्ट्रपति पद के दूसरे चरण के चुनाव में बड़ी जीत हासिल की है। चिली चुनाव आयोग के अनुसार रन-ऑफ में 99.33 फीसदी वोटों की गिनती हुई। कास्ट को 99.33 में से 58.18 फीसदी वोट मिले। वहीं चिली के सत्ताधारी वामपंथी गठबंधन के उम्मीदवार जीनेट जारा को 41.82 फीसदी वोट मिले।

जारा ने रविवार को सोशल मीडिया पर कास्ट से हार मान ली और उन्हें बधाई दी। न्यूज एजेंसी सिन्हुआ ने बताया कि मौजूदा राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने भी उन्हें उनकी जीत पर बधाई दी। अपनी जीत के बाद, कास्ट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक तस्वीर के साथ पोस्ट किया, “धन्यवाद, चिली। अब काम पर लगने का समय है!”

बता दें, कास्ट लंबे समय से दक्षिणपंथी राष्ट्रपति उम्मीदवार बनते आ रहे हैं। इस चुनाव में अपराध सबसे अहम मुद्दा रहा।

कास्ट की उम्र 59 साल है और वह 11 मार्च, 2026 को राष्ट्रपति पद की जिम्मेदारी संभालेंगे। 16 नवंबर को पहले राउंड में किसी भी उम्मीदवार को 50 फीसदी से ज्यादा वोट नहीं मिले। इसका मतलब था कि जारा और कास्ट रन-ऑफ के लिए आगे बढ़ गए। पहले चरण में जारा को 26.85 फीसदी और कास्ट को 23.92 फीसदी वोट मिले थे।

चिली के कानून के तहत, अगर चुनाव के पहले राउंड में किसी को भी आधे से ज्यादा वोट नहीं मिलते, तो दोनों आगे चल रहे उम्मीदवार को रन-ऑफ के लिए जाना पड़ता।

चिली के राष्ट्रपति गैब्रियल बोरिक ने अपने भाषण में जारा और कास्ट को बधाई दी। बोरिक ने घोषणा की थी, “14 दिसंबर को चिली एक बार फिर हमारे देश के राष्ट्रपति को चुनेगा, जो अगले चार सालों के लिए हमारे देश की किस्मत तय करेंगे। मुझे यकीन है कि चिली के लिए बातचीत, सम्मान और प्यार किसी भी मतभेद से पहले आएगा।”

स्थानीय समयानुसार रन-ऑफ में वोटिंग सुबह 8 बजे शुरू हुई और शाम 6 बजे खत्म हुई, जिसमें 15 मिलियन से ज्यादा पंजीकृत वोटर थे। वोटिंग के दौरान कास्ट सबसे मजबूत उम्मीदवार के तौर पर देखे जा रहे थे। अपराध को लेकर उनके सख्त तेवर लोगों को पसंद आए। इसके साथ ही लोगों में लोकप्रियता की वजह उनकी गैरकानूनी तरीके से आए प्रवासियों को लेकर उनकी सोच भी है।

वामपंथी शासन के दौरान बढ़ते अपराध के मामलों से लोग काफी परेशान हो चुके थे। लोगों का कहना है कि उन्हें उम्मीद नहीं है कि कुछ होगा, लेकिन फिर भी बदलाव के लिए वोट करेंगे। बता दें, कास्ट ने लाखों गैर-कानूनी प्रवासियों को डिपोर्ट करने का वादा किया है। इसके अलावा उन्होंने बिना किसी छूट के अबॉर्शन का विरोध किया।(इनपुट-आईएएनएस)

 

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