भारत यात्रा के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने आज गुरुवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और भारत की दूरदर्शी नीतियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनके नेतृत्व और उस लक्ष्य के लिए बधाई देना चाहता हूं, जिसके तहत भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है। उन्होंने कहा कि भारत का 2047 तक विकसित देश बनने का विजन सराहनीय है और मैं देख रहा हूं कि भारत उस दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कीर स्टार्मर ने कहा कि जब से मैं भारत आया हूं, मैंने जो कुछ भी देखा है, वह इस बात का प्रमाण है कि भारत अपने विकास लक्ष्यों की ओर सही दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि ब्रिटेन इस यात्रा में भारत का भागीदार बनना चाहता है। ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि भारत और ब्रिटेन राष्ट्रमंडल और जी20 में एक साथ काम कर रहे हैं, और यूके चाहता है कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका उचित स्थान मिले।
स्टार्मर ने कहा कि हाल ही में हस्ताक्षरित यूके-भारत व्यापक आर्थिक और व्यापार समझौता (CETA) भारत द्वारा किया गया अब तक का सबसे महत्वाकांक्षी व्यापारिक समझौता है। उन्होंने कहा, “मैं इस साझेदारी के लिए प्रधानमंत्री मोदी को धन्यवाद देना चाहता हूं, क्योंकि यह दोनों देशों के लिए एक बड़ी जीत है।” उन्होंने बताया कि पिछले दो दिनों में भारतीय और ब्रिटिश व्यापारिक नेताओं के बीच चर्चाएं बेहद उत्पादक रहीं और सहयोग तथा नवाचार पर गहन विचार-विमर्श हुआ।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि जुलाई में यूनाइटेड किंगडम में प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी करना उनके लिए सम्मान की बात थी और कुछ ही महीनों बाद भारत की पुनः यात्रा पर उन्हें खुशी है। उन्होंने कहा कि मुंबई, जो भारत की आर्थिक और वित्तीय राजधानी है, में मिलना अत्यंत प्रतीकात्मक है, क्योंकि भारत की विकास गाथा आज पूरे विश्व के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने आगे कहा कि सीईटीए समझौता केवल व्यापार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आधुनिक, भविष्य-केंद्रित साझेदारी की नींव है जिसमें विश्वास और साझा उद्देश्य झलकते हैं।
स्टार्मर ने कहा कि वर्तमान वैश्विक अनिश्चितता के दौर में भारत और यूके के बीच की साझेदारी स्थिरता और आर्थिक प्रगति के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में काम कर रही है। उन्होंने बताया कि दोनों देशों ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र, पश्चिम एशिया और यूक्रेन में शांति एवं स्थिरता से संबंधित मुद्दों पर विचारों का आदान-प्रदान किया। उन्होंने कहा कि भारत बातचीत और कूटनीति के माध्यम से वैश्विक शांति बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।-(IANS)


