केरलम में 4 मई के चुनावी नतीजों का बेसब्री से इंतज़ार 

केरलम में विधानसभा चुनाव की वोटिंग प्रक्रिया 9 अप्रैल 2026 को पूरी हो चुकी है। अब सारी निगाहें 4 मई को आने वाले चुनावी नतीजों पर टिकी हैं। मतदान समाप्त होते ही राजनीतिक दलों में अंदरूनी गणित और संभावित परिदृश्यों का विश्लेषण शुरू हो गया है।

सत्तारूढ़ लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (LDF) मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के नेतृत्व में लगातार तीसरी बार सत्ता हासिल करने का दावा कर रहा है। LDF इसे सुशासन और विकास के एजेंडे पर जनता का विश्वास बनाए रखने का मुद्दा बता रहा है।

दूसरी ओर, कांग्रेस के नेतृत्व वाला यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (UDF) जमीनी स्तर पर सरकार विरोधी लहर का हवाला देते हुए बड़े बदलाव की उम्मीद कर रहा है। UDF इसे मौजूदा सरकार के खिलाफ जनमत संग्रह मान रहा है।

‘त्रिशंकु विधानसभा’ की भविष्यवाणी 

इस बीच भाजपा प्रदेश अध्यक्ष राजीव चंद्रशेखर ने ‘त्रिशंकु विधानसभा’ की भविष्यवाणी करते हुए अपनी पार्टी को ‘किंगमेकर’ की भूमिका में बताया है। नेमोम सीट पर उनका अपना मुकाबला भी इस बार काफी चर्चा में है।

मतदान के आंकड़ों के अनुसार गुरुवार देर रात तक 78.02 प्रतिशत वोटिंग दर्ज की गई। अंतिम आंकड़े अभी आने बाकी हैं। राजनीतिक विश्लेषक इस बात पर नजर रखे हुए हैं कि क्या वोटिंग प्रतिशत 1980 के बाद पहली बार 80 प्रतिशत के करीब पहुंच पाएगा।

चुनावी रैलियों और भाषणों का दौर थमा

एक तरफ LDF को उच्च मतदान प्रतिशत से ऐतिहासिक जनादेश मिलने की उम्मीद है, तो दूसरी ओर UDF महिला मतदाताओं की भारी भागीदारी (लगभग 80 प्रतिशत) को अपने पक्ष में देख रहा है।

फिलहाल चुनावी रैलियों और भाषणों का दौर थम गया है। अब तीनों गठबंधनों की डेटा टीमें बूथ स्तर के रुझानों का बारीकी से अध्ययन कर रही हैं। हर तरफ 4 मई का बेसब्री से इंतज़ार है।

नतीजों से पहले इन दिनों प्रमुख नेताओं खासकर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की बॉडी लैंग्वेज और आत्मविश्वास पर भी सबकी नजर रहेगी। (इनपुट-एजेंसी)