कृषि क्षेत्र में डिजिटल बदलाव की नई पहचान बना किसान सारथी

किसानों तक समय पर, प्रमाणिक और बहुभाषी कृषि परामर्श पहुंचाने के उद्देश्य से जुलाई 2021 में शुरू किया गया ‘किसान सारथी’ भारत का सबसे बड़ा एकीकृत डिजिटल कृषि-परामर्श मंच है। यह मंच किसानों को कृषि विशेषज्ञों से जोड़ने के साथ सरकारी योजनाओं की जानकारी, मौसम संबंधी अपडेट और कृषि परामर्श जैसी सेवाएं एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराता है। यह इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय तथा कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की संयुक्त पहल है, जिसका क्रियान्वयन भारतीय कृषि सांख्यिकी अनुसंधान संस्थान और डिजिटल इंडिया कॉर्पोरेशन द्वारा किया जा रहा है।

विशेषज्ञता और किसानों के बीच मजबूत कड़ी

किसान सारथी इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम (आईआईडीएस) के माध्यम से किसानों और कृषि विशेषज्ञों के बीच दो-तरफा संवाद स्थापित करता है। यह मंच कृषि संबंधी ज्ञान और तकनीक को प्रयोगशाला से खेत तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। यह मंच 730 से अधिक कृषि विज्ञान केंद्र (केवीके), 100 से अधिक आईसीएआर संस्थानों और 65 से अधिक कृषि विश्वविद्यालयों को एकीकृत कर राष्ट्रीय कृषि परामर्श तंत्र को मजबूत बनाता है। इससे किसानों को स्थानीय जरूरतों के अनुरूप विश्वसनीय सलाह मिलती है।

एक ही मंच पर कई डिजिटल सेवाएं

पहले किसानों को कृषि परामर्श, मौसम की जानकारी और सरकारी योजनाओं के लिए अलग-अलग माध्यमों पर निर्भर रहना पड़ता था। किसान सारथी ने इन सेवाओं को एकीकृत कर यह प्रक्रिया आसान बना दी है। यह मंच किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, भारत मौसम विज्ञान विभाग, माइस्कीम और भाषिणी जैसे प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्मों को एक साथ जोड़ता है।

कई माध्यमों से उपलब्ध सेवाएं

देश में डिजिटल पहुंच और इंटरनेट की उपलब्धता को ध्यान में रखते हुए किसान सारथी अपनी सेवाएं कई माध्यमों से उपलब्ध कराता है। किसान किसान कॉल सेंटर, कॉमन सर्विस सेंटर, वेब पोर्टल, व्हाट्सऐप और मोबाइल ऐप के माध्यम से इस मंच का उपयोग कर सकते हैं।

किसानों को मिलती हैं अनेक सुविधाएं

किसान सारथी किसानों को सीधे कृषि विशेषज्ञों से जोड़ता है। इसके माध्यम से किसान मौसम की जानकारी, मंडी भाव, क्षेत्र-विशिष्ट कृषि सलाह और रीयल-टाइम परामर्श प्राप्त कर सकते हैं। यह मंच किसानों को उनकी पात्रता के अनुसार सरकारी योजनाओं की जानकारी देता है तथा पीएम-किसान जैसी योजनाओं की स्थिति भी बताता है। 25 जून 2026 तक इस पोर्टल पर 610 सरकारी योजनाएं उपलब्ध हैं, जिनमें 102 केंद्र सरकार की योजनाएं शामिल हैं। मंच पर अनाज, दलहन, तिलहन, बागवानी, बागान और चारा फसलों के अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन और मुर्गी पालन से जुड़ी सलाह भी उपलब्ध है। किसान स्थानीय भाषा में विशेषज्ञों से सवाल पूछ सकते हैं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भाग ले सकते हैं और वीडियो परामर्श भी प्राप्त कर सकते हैं।

व्यक्तिगत कृषि परामर्श और बहुभाषी विशेषज्ञ सहायता

किसान सारथी मंच खेत और किसान की प्रोफाइल के आधार पर व्यक्तिगत कृषि परामर्श उपलब्ध कराता है। इसमें 13 क्षेत्रीय भाषाओं में विशेषज्ञों से लाइव संवाद, कॉल और कॉन्फ्रेंसिंग सुविधा, किसान नॉलेज डेटाबेस तक पहुंच, लोकेशन आधारित पुश अलर्ट और टोल-फ्री नंबर एवं वेब आधारित आसान पंजीकरण जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं।

आईआईडीएस से संचालित है पूरी प्रणाली

किसान सारथी की तकनीकी रीढ़ इंटरैक्टिव इन्फॉर्मेशन डिसेमिनेशन सिस्टम (आईआईडीएस) है। यह किसानों और विशेषज्ञों के बीच वॉयस कॉल, वीडियो कॉल, टेक्स्ट, इमेज और चैट के माध्यम से संवाद स्थापित करता है। इस प्रणाली के जरिए किसान विभिन्न सेवाओं का सब्सक्रिप्शन ले सकते हैं, व्यक्तिगत परामर्श प्राप्त कर सकते हैं और अपनी जरूरत के अनुसार सेवाओं में बदलाव भी कर सकते हैं। विशेषज्ञ किसानों की पिछली बातचीत और फसल संबंधी जानकारी देखकर अधिक सटीक सलाह दे सकते हैं।

आईआईडीएस की प्रमुख खूबियां

आईआईडीएस में किसान की कॉल केंद्रीकृत सर्वर पर प्राप्त होती है और संबंधित विशेषज्ञ को भेजी जाती है। सभी प्रश्न भविष्य के संदर्भ के लिए सुरक्षित रखे जाते हैं। विशेषज्ञों को नॉलेज डेटाबेस तक पहुंच मिलती है और यह प्रणाली ‘नो योर फार्मर’ (केवाईएफ) दृष्टिकोण पर आधारित है, जिससे परामर्श की सटीकता और प्रासंगिकता बढ़ती है।

देशभर में बढ़ती पहुंच

25 जून 2026 तक किसान सारथी की सेवाएं 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, 768 जिलों तथा 6.63 लाख गांवों तक पहुंच चुकी हैं। इस मंच से 4,767 आईसीएआर वैज्ञानिक और 113 आईसीएआर संस्थान जुड़े हुए हैं। मंच पर अब तक 2.95 करोड़ किसान पंजीकृत हो चुके हैं, जिनमें 56.16 लाख महिला लाभार्थी शामिल हैं। इनमें 2.89 करोड़ किसानों ने कृषि विज्ञान केंद्रों के माध्यम से पंजीकरण कराया, जबकि 5.35 लाख किसान कॉल सेंटर, 21,517 मोबाइल ऐप, 2,416 वेब पोर्टल और 39,193 कॉमन सर्विस सेंटर के माध्यम से जुड़े। मंच पर अब तक 19.21 लाख प्रश्नों का समाधान किया जा चुका है और 34 राज्यों एवं केंद्र शासित प्रदेशों में 351 वस्तुओं से संबंधित 21,900 परामर्श जारी किए गए हैं।

अन्य कृषि हितधारकों को भी लाभ

किसान सारथी केवल किसानों के लिए ही नहीं, बल्कि कृषि अनुसंधान संस्थानों, कृषि विश्वविद्यालयों, कृषि विज्ञान केंद्रों, विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं के लिए भी उपयोगी मंच बनकर उभरा है। इससे शोध कार्यों का बेहतर प्रसार, किसानों तक तेज पहुंच और रीयल-टाइम फील्ड डेटा के आधार पर नीति निर्माण को मजबूती मिल रही है।

डिजिटल कृषि की नई दिशा

किसान सारथी भारत की कृषि विस्तार प्रणाली के डिजिटल परिवर्तन की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह किसानों, शोध संस्थानों, विस्तार एजेंसियों और नीति-निर्माताओं के बीच समन्वय को मजबूत बनाते हुए कृषि क्षेत्र को अधिक डिजिटल, प्रभावी और उत्तरदायी बना रहा है। बहुभाषी इंटरफेस, विविध पहुंच माध्यमों और तकनीक आधारित परामर्श के जरिए यह मंच किसानों को बेहतर निर्णय लेने में मदद कर रहा है और विकसित भारत के कृषि क्षेत्र को नई दिशा दे रहा है। (इनपुट: पीआईबी)

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