वर्ल्ड ऑडियो विजुअल और एंटरटेनमेंट समिट ‘WAVES 2025’ ने भारत को वैश्विक रचनात्मक मंच का चमकता सितारा बना दिया है। जी हां, इस साल मई में मुंबई के जियो वर्ल्ड कन्वेंशन सेंटर में आयोजित तीन दिवसीय इस धमाकेदार आयोजन ने 3000 से अधिक B2B बैठकों के साथ 1328 करोड़ रुपये से ज्यादा के कारोबारी सौदों को अंजाम दिया, जिसमें 971 करोड़ रुपये की B2B डील्स भी शामिल थीं। इसी के बलबूते फिल्म, संगीत, रेडियो, वीएफएक्स और एनिमेशन जैसे क्षेत्रों में WAVES बाजार ने भारत को वैश्विक रचनात्मक मंच का चमकता सितारा बना दिया है और इसकी गूंज आज भी दुनिया भर में सुनाई दे रही है। यह रचनात्मक उद्योगों में वैश्विक कारोबार के नए कीर्तिमान की मिसाल बना हुआ है।
वैश्विक सिनेमा का बना दिया हॉटस्पॉट
दरअसल, WAVES बाजार ने अंतरराष्ट्रीय सहयोग की नई इबारत लिखी है। फिल्म इंडिया स्क्रीन कलेक्टिव और न्यूजीलैंड के स्क्रीन कैंटरबरी ने न्यूजीलैंड में पहला भारतीय फिल्म महोत्सव लॉन्च करने की घोषणा की, जिसने भारतीय सिनेमा को वैश्विक दर्शकों के दिलों तक पहुंचाने का रास्ता खोला। वहीं ओनली मच लाउडर के सीईओ तुषार कुमार और रूस की कंपनी गैजप्रोम मीडिया के सीईओ अलेक्जेंडर झारोव ने भारत-रूस क्रॉस-कल्चरल फेस्टिवल्स और कॉमेडी-म्यूजिक शो के सह-निर्माण के लिए MoU पर शीघ्र बातचीत करने की घोषणा की। इसके अलावा प्राइम वीडियो और CJ ENM के बीच मल्टी-ईयर सहयोग ने कोरियाई प्रीमियम कंटेंट को वैश्विक मंच पर चमकाने का सुनहरा मौका दिया। साथ ही भारत की पहली आधिकारिक भारत-यूके सह-निर्माण फिल्म ‘देवी चौधरानी’ और यूके की फ्यूजन फ्लिक्स व JVD फिल्म्स की सह-निर्माण फिल्म ‘वायलेटेड’ ने WAVES बाजार को वैश्विक सिनेमा का हॉटस्पॉट बना दिया।
महाराष्ट्र का मास्टर स्ट्रोक
WAVES 2025 में महाराष्ट्र सरकार ने मीडिया और मनोरंजन (M&E) क्षेत्र में 8,000 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापनों (MoU) पर हस्ताक्षर कर तहलका मचा दिया। यूनिवर्सिटी ऑफ यॉर्क और यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया के साथ 1500-1500 करोड़ रुपये के MoU, प्राइम फोकस के साथ 3000 करोड़ और गोदरेज के साथ 2000 करोड़ रुपये के करार ने महाराष्ट्र को रचनात्मक उद्योग में निवेश का गढ़ बना दिया। ये समझौते न केवल कारोबार को बढ़ावा दे रहे हैं, बल्कि हजारों रचनाकारों के लिए रोजगार और अवसरों का नया सवेरा ला रहे हैं।
B2B बैठकों का कमाल
3,000 से अधिक B2B बैठकों ने WAVES बाजार को रचनात्मक उद्योगों का मक्का बना दिया। मेटा, गूगल, अमेजन, X, स्नैप, स्पॉटिफाई, डीएनईजी, नेटफ्लिक्स और एनवीआईडीआईए जैसे दिग्गजों की मौजूदगी ने रचनाकारों, निवेशकों और नीति निर्माताओं के बीच अभूतपूर्व सहयोग का माहौल बनाया। छोटे शहरों से लेकर वैश्विक मंच तक के रचनाकारों ने इन बैठकों में अपनी प्रतिभा को बड़े अवसरों में बदला।
रचनात्मक अर्थव्यवस्था की नई लहर
WAVES बाजार ने न केवल आंकड़ों में बल्कि प्रभाव में भी कीर्तिमान गढ़ा। 1328 करोड़ रुपये के सौदों ने भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को वैश्विक स्तर पर स्थापित किया। यह मंच रचनाकारों के लिए एक ऐसे कारोबारी मेले की तरह रहा, जहां उनकी कला और प्रतिभा को वैश्विक बाजार में पहचान और व्यावसायिक सफलता मिली।
इस आयोजन ने भारत को रचनात्मक उद्योगों का वैश्विक पावरहाउस बनाने की रखी नींव
यही वजह है कि WAVES 2025 की सफलता की गूंज आज भी बरकरार है। इस आयोजन ने भारत को रचनात्मक उद्योगों का वैश्विक पावरहाउस बनाने की नींव रखी। न्यूजीलैंड में भारतीय फिल्म महोत्सव की तैयारियां जोरों पर हैं, और भारत-रूस सहयोग से सांस्कृतिक उत्सवों की रूपरेखा बन रही है। महाराष्ट्र में 8000 करोड़ रुपये के MoU के तहत निवेश और प्रोजेक्ट्स ने गति पकड़ ली है, जिससे हजारों रचनाकारों को नए अवसर मिल रहे हैं।


