प्रतिक्रिया | Thursday, July 25, 2024

लद्दाख बना पूर्ण कार्यशील साक्षरता प्राप्त करने वाली प्रशासनिक इकाई : शिक्षा मंत्रालय

लद्दाख को पूर्ण कार्यशील साक्षरता प्राप्त करने वाली प्रशासनिक इकाई घोषित किया गया है। उपराज्यपाल ने डॉ. बी.डी. मिश्रा ने लेह में एक समारोह के दौरान यह जानकारी दी। सिंधु सांस्कृतिक केंद्र में आयोजित एक समारोह में ‘उल्लास’ – नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत 97 प्रतिशत से अधिक साक्षरता प्राप्त करने के मद्देनजर लद्दाख को पूर्ण कार्याशील साक्षरता प्राप्त करने वाली प्रशासनिक इकाई घोषित किया गया है। इस अवसर पर लद्दाख के स्कूली शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव संजीव खिरवार और 500 से अधिक नव साक्षर व स्वयंसेवी उपस्थित थे।

शिक्षा मंत्रालय ने आज एक प्रेस रिलीज के माध्यम से यह जानकारी दी। समारोह में नव साक्षर और स्वयंसेवी शिक्षकों का अभिनंदन और स्कूल विभाग की वार्षिक उपलब्धि रिपोर्ट 2023 का विमोचन भी किया गया। गणमान्य व्यक्तियों ने ‘उल्लास’ मेले का अवलोकन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डॉ. मिश्रा ने नए शिक्षार्थियों और स्वयंसेवियों को आजीवन सीखने के मार्ग पर चलते रहने के लिए प्रेरित किया।

उन्होंने कहा कि अपने बच्चों को स्कूल भेजना माता-पिता की जिम्मेदारी है। उन्होंने छात्रों से न केवल रोजगार की तलाश करने बल्कि रोजगार के अवसर पैदा करने के बारे में भी सोचने का आह्वान किया। नई शिक्षा नीति 2020 प्रस्तुत करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का अभिनंदन करते हुए उन्होंने कहा कि यह नीति देश के भविष्य के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है।

केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के सचिव संजय कुमार ने इस उपलब्धि के लिए लद्दाख के लोगों को बधाई दी और उन्हें आश्वस्त किया कि शिक्षा मंत्रालय लद्दाख की स्कूली शिक्षा प्रणाली को बेहतर बनाने के लिए हर संभव समर्थन देगा। उन्होंने कहा कि ‘उल्लास’ योजना का उद्देश्य भारत-जन-जन साक्षर बनाना है और यह कर्त्तव्यबोध की भावना पर आधारित है। इसे स्वेच्छा के आधार पर लागू किया जा रहा है।

दरअसल ‘उल्लास’ योजना का उद्देश्य सभी पृष्ठभूमि से 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन वयस्कों को सशक्त बनाना है, जो उचित स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं कर सके। यह न केवल शिक्षार्थियों को पढ़ने, लिखने और अंकगणित कौशल हासिल करने की अनुमति देता है, बल्कि आजीवन सीखने को प्रोत्साहित करते हुए उन्हें महत्वपूर्ण जीवन कौशल की समझ से समृद्ध भी करता है। इस योजना को स्वैच्छिकता, सामाजिक जिम्मेदारी और कर्तव्यबोध की भावना को बढ़ावा देने के माध्यम से लागू किया जा रहा है।

शिक्षा मंत्रालय ने बताया कि इस योजना से अब तक देश भर में 77 लाख से अधिक लोग लाभान्वित हुए हैं। ‘उल्लास’ मोबाइल ऐप में 1.29 करोड़ से अधिक शिक्षार्थी और 35 लाख स्वयंसेवी शिक्षक हैं।

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आखरी अपडेट: 25th Jul 2024