लैम रिसर्च के पीटर हॉलैंड ने शुक्रवार को कहा कि भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर उद्योग के लिए एक भरोसेमंद और अहम हब के रूप में उभर सकता है। उन्होंने जोर दिया कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए घरेलू सप्लाई-चेन का लगातार विकास बेहद जरूरी है।
सेमीकॉन इंडिया 2026 में दिए विचार
सेमीकॉन इंडिया 2026 के दौरान बातचीत में हॉलैंड ने कहा कि लैम रिसर्च को इस आयोजन से भारत में सेमीकंडक्टर सप्लाई-चेन के और विकास की उम्मीद है। उन्होंने बताया, “मेरी असल उम्मीद सप्लाई-चेन के और विकास को देखने की है। पिछले कुछ सालों में जैसे-जैसे हमने भारत में सप्लाई में निवेश किया है, ज्यादा सप्लायर हमारे पास आ रहे हैं। यह इस तरह की बातचीत के लिए एक बेहतरीन मंच है।”
भारत की क्षमता पर कोई शक नहीं
जियोपॉलिटिकल दबाव के बीच भारत के न्यूट्रल और भरोसेमंद मैन्युफैक्चरिंग हब बनने की संभावना पर हॉलैंड ने साफ कहा, “बिल्कुल, भारत एक भरोसेमंद और अहम हब बन सकता है। मेरे मन में कोई शक नहीं है कि यह मुमकिन है।”चुनौतियां भी हैं आमउन्होंने स्वीकार किया कि भारत को भी टैलेंट, कैपिटल, जमीन और जरूरी सुविधाओं (जैसे शुद्ध पानी और स्थिर बिजली) जैसी चुनौतियों का सामना करना होगा। हॉलैंड के मुताबिक ये रुकावटें दुनिया भर के सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम में एक जैसी हैं। उन्होंने कहा “आप दुनिया में कहीं भी जाएं, ये सब एक जैसी ही होती हैं।”
सरकार-इंडस्ट्री पार्टनरशिप पर जोर
भारत को डिजाइन और इंजीनियरिंग की मजबूती से आगे बढ़कर मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी वैल्यू चेन में बड़ा हिस्सा हासिल करने के लिए क्या करना चाहिए, इस पर हॉलैंड ने सरकार और उद्योग के बीच लगातार सहयोग को अहम बताया। उन्होंने कहा कि भारत में यह पार्टनरशिप काफी अनोखी है और तरक्की को तेज करने का सोच-समझकर अपनाया गया तरीका है। सरकार इन चुनौतियों को दूर करने और कंपनियों की मदद करने में बड़ी भूमिका निभा सकती है।
निवेश के रोडमैप पर फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी नहीं
जब उनसे पूछा गया कि क्या लैम रिसर्च भारत में और निवेश का ऐलान कर सकती है, तो हॉलैंड ने कंपनी के रोडमैप पर फिलहाल कोई सार्वजनिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। भारत एंड-टू-एंड सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम बनाने की दिशा में काम कर रहा है, जिसमें मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन, पैकेजिंग और सप्लाई चेन पर सरकार का फोकस है। सेमीकॉन इंडिया 2026 वैश्विक कंपनियों, इक्विपमेंट मेकर्स, निवेशकों और इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाकर इन मौकों पर चर्चा का अवसर दे रहा है। (इनपुट-एजेंसी)


