लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आज गुरुवार को संविधान सदन के सेंट्रल हॉल में भारत के पहले लोकसभा अध्यक्ष गणेश वासुदेव मावलंकर को उनकी जन्म जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस अवसर पर राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश, लोकसभा के महासचिव उत्पल कुमार सिंह, कई सांसद, पूर्व सांसद और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने भी उपस्थित होकर श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम का उद्देश्य मावलंकर के महत्वपूर्ण योगदानों को याद करना था, जिन्होंने भारतीय संसद की बुनियादी कार्यप्रणाली और परंपराओं को मजबूत रूप दिया।
मावलंकर का जन्म 27 नवंबर 1888 को बड़ौदा (अब गुजरात) में हुआ था। उन्होंने 1937 में अहमदाबाद से बॉम्बे विधान सभा के सदस्य के रूप में अपनी विधायी यात्रा शुरू की और 1946 तक उसके अध्यक्ष रहे। इसके बाद उन्होंने ब्रिटिश शासन के अंतिम दौर में छठी केंद्रीय विधान सभा की अध्यक्षता की और स्वतंत्रता से पहले के महत्वपूर्ण वर्षों में उसे नेतृत्व दिया।
1947 के बाद मावलंकर को संविधान सभा (विधायी) के अध्यक्ष का दायित्व सौंपा गया। उन्होंने स्वतंत्रता के शुरुआती वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और बाद में प्रोविजनल पार्लियामेंट के अध्यक्ष भी बने। जब 1952 में पहली लोकसभा का गठन हुआ, तो उन्हें 15 मई 1952 को सर्वसम्मति से लोकसभा अध्यक्ष चुना गया। उन्होंने यह जिम्मेदारी 27 फरवरी 1956 को अपने निधन तक निभाई और देश की संसदीय कार्यप्रणाली पर अमिट छाप छोड़ी।
मावलंकर की दूरदृष्टि, अनुशासन और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति उनकी प्रतिबद्धता आज भी भारतीय संसद की कार्यप्रणाली और परंपराओं को मार्गदर्शन प्रदान करती है। संविधान सदन की इनर लॉबी में मावलंकर का चित्र लगा हुआ है, जिसे चित्रकार मधव सतावलकर ने बनाया था। इस चित्र का अनावरण 7 सितंबर 1956 को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने किया था। -(Input With Agency)


