मध्य प्रदेश तेजी से तकनीकी निवेश का नया केंद्र बनकर उभर रहा है। राज्य सरकार कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर, ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) और अन्य उन्नत तकनीकी क्षेत्रों में निवेश बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सोमवार को भोपाल में आयोजित एमपी टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव 3.0 में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले दो वर्षों में सरकार ने टेक ग्रोथ कॉन्क्लेव के दौरान किए गए अधिकांश वादों को पूरा किया है। उन्होंने बताया कि पहले दो संस्करणों में 46,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए थे। इनमें 22 औद्योगिक इकाइयों का उद्घाटन किया जा चुका है, जबकि चार नई परियोजनाओं की शुरुआत हुई है। इसके अलावा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2025 के बाद से तकनीकी क्षेत्र में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश पहले ही धरातल पर उतर चुका है।
मोहन यादव ने कहा कि मध्य प्रदेश, जो पहले कृषि, खनन और वनों के लिए जाना जाता था, अब रक्षा विनिर्माण, ड्रोन, नवीकरणीय ऊर्जा और अत्याधुनिक तकनीकी क्षेत्रों में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार AI, डेटा सेंटर, सेमीकंडक्टर और अन्य तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने 20 औद्योगिक इकाइयों का उद्घाटन किया। साथ ही गूगल प्ले इंडिया और मध्य प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (MPSEDC) के बीच एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर भी हुए।
मुख्यमंत्री ने इंदौर के आईटी कॉरिडोर में तीन लाख वर्गफुट और भोपाल में चार लाख वर्गफुट क्षेत्रफल वाले नए आईटी पार्क विकसित करने की घोषणा की। इसके अलावा राज्य में सेमीकंडक्टर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा, जिसका उद्देश्य कौशल विकास को बढ़ावा देना और सेमीकंडक्टर इकोसिस्टम को मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि तकनीकी कंपनियों को आकर्षित करने और निवेश के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने हेतु विश्वस्तरीय आधारभूत ढांचा विकसित किया जा रहा है।
मुख्य सचिव अनुराग जैन ने बताया कि डिजिटल और तकनीकी क्षेत्र में 12,000 करोड़ रुपये से अधिक का निवेश पहले ही लागू किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि कॉन्क्लेव में शामिल प्रमुख तकनीकी कंपनियों से 40,000 करोड़ रुपये से अधिक के नए निवेश प्रस्ताव आने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि स्पेन की एक कंपनी ने मध्य प्रदेश में डेटा सेंटर स्थापित करने की अपनी योजना दोहराई है, जबकि एक सेमीकंडक्टर कंपनी ने राज्य में 6,000 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है।
कॉन्क्लेव में सरकारी अधिकारियों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों और तकनीकी कंपनियों ने भाग लिया तथा मध्य प्रदेश में ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, डेटा सेंटर और सेमीकंडक्टर विनिर्माण से जुड़े निवेश अवसरों पर चर्चा की।
-(इनपुटःएजेंसी)


