महाराष्ट्र एमएलसी चुनाव का कार्यक्रम घोषित, मतदान 18 जून को

भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) ने सोमवार को महाराष्ट्र विधान परिषद (एमएलसी) के लिए 16 स्थानीय निकाय निर्वाचन क्षेत्रों से लंबे समय से लंबित द्विवार्षिक चुनावों का कार्यक्रम घोषित कर दिया। 18 जून को वोटिंग और 22 जून को वोटों की गिनती होगी।

आयोग ने पूरी चुनावी प्रक्रिया के लिए समय-सीमा तय की है, जिसे जून के अंत से पहले पूरा करना होगा। अधिसूचना 25 मई को जारी की जाएगी, नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 1 जून है। वहीं, नामांकन की जांच 2 जून को होगी और नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि 4 जून है। आने वाले चुनाव उन रिक्तियों को भरेंगे जो 2022 से जमा होती आ रही हैं।

आयोग के मानक दिशानिर्देशों के अनुसार, किसी स्थानीय प्राधिकरण निर्वाचन क्षेत्र के लिए चुनाव तभी कराया जा सकता है, जब उस निर्वाचन क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कम से कम 75 प्रतिशत स्थानीय निकाय सक्रिय रूप से कार्यरत हों और उन स्थानीय निकायों के कम से कम 75 प्रतिशत निर्वाचक (मतदाता) अपने पदों पर हों। पिछले कुछ वर्षों में पूरे महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनावों (जैसे नगर निगम, नगर परिषद और जिला परिषद) को आयोजित करने में हुई भारी देरी और कार्यकाल समाप्त होने के कारण, इन मानदंडों को पूरा नहीं किया जा सका। परिणामस्वरूप, इन क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व निलंबित रहा।

स्थिति अब बदल गई है। आयोग ने एक नोटिफिकेशन में बताया कि महाराष्ट्र के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने हाल ही में आयोग को जानकारी दी है कि सभी 16 प्रभावित निर्वाचन क्षेत्रों में 75 प्रतिशत कार्यक्षमता और मतदाताओं की संख्या से जुड़े जरूरी नियम आखिरकार पूरे हो गए हैं, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया को फिर से शुरू करने का रास्ता साफ हो गया है। जिन 16 सीटों पर चुनाव होने हैं, वे अलग-अलग समय से खाली पड़ी थीं। इनमें से कुछ सदस्यों ने तो जनवरी 2022 में ही रिटायरमेंट ले लिया था।

इस द्विवार्षिक चुनाव के संबंध में आदर्श आचार संहिता (एमसीसी) सभी संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है। इन जिलों में राजनीतिक दलों और मौजूदा प्रतिनिधियों को चुनाव आयोग के आचार संहिता दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करना होगा। इसके तहत 25 जून को चुनाव प्रक्रिया के औपचारिक रूप से संपन्न होने तक मतदान क्षेत्रों में किसी भी नई नीति की घोषणा, प्रशासनिक तबादलों या बड़े सरकारी विज्ञापनों पर रोक रहेगी।

(इनपुट-आईएएनएस)