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डिजिटल विधानसभा की ओर बढ़ा महाराष्ट्र, NeVA लागू करने की तैयारी तेज

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘वन नेशन, वन एप्लिकेशन’ विजन को आगे बढ़ाते हुए महाराष्ट्र विधानमंडल ने नेशनल ई-विधान एप्लिकेशन (NeVA) को अपनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बढ़ाया है। इस संबंध में 16 जुलाई को मुंबई स्थित विधान भवन में केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्रालय, महाराष्ट्र सरकार के संसदीय कार्य विभाग और महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय के बीच बैठक आयोजित की गई।

बैठक में संसदीय कार्य मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव एवं NeVA मिशन लीडर डॉ. सत्य प्रकाश सहित महाराष्ट्र विधानमंडल और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में NeVA परियोजना के जल्द क्रियान्वयन के लिए केंद्र सरकार, महाराष्ट्र विधानमंडल सचिवालय और राज्य के संसदीय कार्य विभाग के बीच समझौता ज्ञापन (MoU) पर शीघ्र हस्ताक्षर करने पर सहमति बनी।

बैठक के दौरान NeVA के कार्यान्वयन की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की गई। इसमें सॉफ्टवेयर की विशेषताएं, तकनीकी ढांचा, वित्तीय सहायता, प्रशिक्षण, क्षमता निर्माण, कार्यान्वयन की समयसीमा और विभिन्न एजेंसियों की जिम्मेदारियों जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ। अधिकारियों ने परियोजना से जुड़े तकनीकी और प्रशासनिक सवालों का समाधान भी किया।

महाराष्ट्र सरकार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, विधानसभा अध्यक्ष राहुल नार्वेकर और विधान परिषद के सभापति प्रो. राम शिंदे के मार्गदर्शन में पेपरलेस, पारदर्शी, कुशल और नागरिक-केंद्रित विधानमंडल विकसित करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

NeVA (National e-Vidhan Application) केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम के तहत संसदीय कार्य मंत्रालय की एक मिशन मोड परियोजना है। इसका उद्देश्य देश के सभी 37 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों को एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से जोड़ना है, ताकि सदन की कार्यवाही पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से संचालित हो सके।

करीब ₹673.94 करोड़ की लागत वाली इस परियोजना के तहत महाराष्ट्र विधानसभा और विधान परिषद के मुंबई और नागपुर स्थित परिसरों में NeVA लागू करने का अनुमानित खर्च लगभग ₹48 करोड़ है। इसके लागू होने के बाद विधायक और विधान परिषद सदस्य सभी विधायी दस्तावेजों और कार्यवाही तक डिजिटल माध्यम से पहुंच सकेंगे। साथ ही नागरिकों को भी सदन की कार्यवाही और विधायी गतिविधियों तक अधिक पारदर्शी और आसान पहुंच मिलेगी।

अब तक 33 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के विधानमंडलों ने NeVA के लिए केंद्र सरकार के साथ समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं, जबकि 21 विधानमंडल पूरी तरह डिजिटल सदनों में बदल चुके हैं। महाराष्ट्र द्वारा NeVA को अपनाने से देश में डिजिटल विधायी व्यवस्था को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।

-PIB