भारत और थाईलैंड के बीच आज मंगलवार को आतंकवाद-रोधी संयुक्त सैन्य अभ्यास ‘मैत्री-2025’ की शुरुआत हुई। यह अभ्यास मेघालय के उमरोई विदेशी प्रशिक्षण केंद्र में आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों देशों की सेनाओं की आतंकवाद-रोधी क्षमताओं, रणनीति और समन्वय कौशल को मजबूत करना है।
भारतीय सेना के मुताबिक, यह अभ्यास संयुक्त राष्ट्र के चैप्टर्स के तहत सेमी-अर्बन इलाके में संचालित किया जा रहा है। इसका फोकस ऐसे इलाकों में आतंकवाद-रोधी अभियानों में दोनों सेनाओं की इंटरऑपरेबिलिटी और प्रशिक्षण को बढ़ाना है। ‘मैत्री’ श्रृंखला का यह 14वां संस्करण है और यह 14 सितंबर तक जारी रहेगा।
अभ्यास में भाग लेने के लिए थाईलैंड की सेना का दल सीधे गुवाहाटी हवाई अड्डे पर पहुंचा। भारतीय सेना ने उन्हें सैन्य बैंड की धुनों और पारंपरिक सम्मान गारद के साथ भव्य स्वागत किया। यह अभ्यास पहली बार 2006 में शुरू हुआ था और तब से भारत और थाईलैंड में बारी-बारी से आयोजित होता रहा है। इस बार पांच वर्षों के अंतराल के बाद अभ्यास भारत में हो रहा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इससे दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग को नई गति मिलेगी।
अभ्यास के दौरान दोनों सेनाएं संयुक्त गश्त, हथियारों के इस्तेमाल और आतंकियों द्वारा बंधक बनाए गए व्यक्तियों को छुड़ाने जैसे अभियानों का अभ्यास कर रही हैं। आगे चलकर आतंकवाद-रोधी ऑपरेशन के अन्य परिदृश्यों पर भी प्रशिक्षण होगा। सैनिकों को एक-दूसरे की संस्कृति, परंपरा और सैन्य जीवन शैली से परिचित होने का भी अवसर मिलेगा। भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह अभ्यास दोनों सेनाओं की परिचालन क्षमता के साथ-साथ भारत-थाईलैंड मैत्री और रणनीतिक साझेदारी को भी नई ऊंचाई दे रहा है।
साथ ही, ‘मैत्री-2025’ में संयुक्त प्रशिक्षण, सांस्कृतिक आदान-प्रदान और खेलकूद गतिविधियां भी शामिल हैं। इससे पहले, भारतीय सेना ने अरुणाचल प्रदेश के कामेंग क्षेत्र में ‘युद्ध कौशल 3.0’ सैन्य अभ्यास सफलतापूर्वक संपन्न किया था। इसमें ड्रोन निगरानी, रियल-टाइम लक्ष्य निर्धारण, सटीक प्रहार, वायु-तटीय प्रभुत्व और समन्वित युद्धक रणनीतियों का प्रदर्शन शामिल था।-(IANS)


