V4 देशों का बड़ा ऐलान: भारत को मिले UNSC में स्थायी सदस्यता, स्लोवाकिया के विदेश मंत्री ने दिया जोरदार समर्थन

संयुक्त राष्ट्र महासभा के 81वें सत्र के दौरान सोमवार को विसेग्राद ग्रुप (V4) और भारत के विदेश मंत्रियों की पहली बैठक संपन्न हुई। इस महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) का स्थायी सदस्य बनाया जाना चाहिए। विसेग्राद ग्रुप में पोलैंड, हंगरी, स्लोवाकिया और चेक गणराज्य शामिल हैं। 

बैठक के बाद प्रेस से बात करते हुए ब्लानार ने विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर की मौजूदगी में कहा, “V4 देशों के रूप में हम सभी सहमत हैं कि भारत, जो ग्लोबल साउथ का हिस्सा है और इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में उभरती महाशक्ति है, को UN सुरक्षा परिषद का स्थायी सदस्य होना चाहिए।”

बैठक में कौन-कौन हुए शामिल?

इस बैठक में भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर के साथ 
– स्लोवाकिया के विदेश मंत्री जुराज ब्लानार 
– पोलैंड के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री राडोस्लाव सिकोरस्की 
– चेक गणराज्य के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री पेट्र मैसिंका 
– हंगरी की उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री अनीता ओर्बन
शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता स्लोवाकिया कर रहा था।

किन मुद्दों पर हुई चर्चा?

विदेश मंत्रालय के अनुसार दोनों पक्षों ने भारत और V4 देशों के बीच संबंधों को और मजबूत बनाने के तरीकों पर विस्तार से बातचीत की। मंत्रियों ने द्विपक्षीय संबंधों की मजबूती को स्वीकार करते हुए कहा कि V4+भारत फॉर्मेट मौजूदा सहयोग को नई गति दे सकता है। चर्चा के प्रमुख विषय रहे: 
– व्यापार और निवेश 
– टेक्नोलॉजी एवं इनोवेशन 
– मजबूत सप्लाई चेन 
– रक्षा और सुरक्षा सहयोग 
– कनेक्टिविटी शिक्षा, मोबिलिटी और लोगों के बीच आदान-प्रदान

वैश्विक स्तर पर क्षेत्रीय व अंतरराष्ट्रीय मुद्दों, शांति-सुरक्षा और बेहतर बहुपक्षवाद (मल्टीलेटरलिज्म) पर भी विचारों का आदान-प्रदान हुआ। ग्लोबल साउथ को प्रभावित करने वाली चुनौतियों पर विशेष ध्यान दिया गया।

विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने X पर दी जानकारी

बैठक के बाद विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने अपने आधिकारिक X हैंडल पर पोस्ट कर बताया कि V4+इंडिया फॉर्मेट की पहली बैठक में निम्नलिखित बिंदुओं पर सहमति बनी: 
– विदेश मंत्रियों की सालाना बैठक सहित करीबी राजनीतिक सहयोग 
– सालाना बिजनेस फोरम सहित गहरे आर्थिक सहयोग 
– टेक्नोलॉजी, इनोवेशन, रिसर्च और शिक्षा में साझेदारी को मजबूत करना 
– रक्षा सहयोग को नई गति देना 
– सांस्कृतिक सहयोग और लोगों के बीच संबंधों को आगे बढ़ाना 
– बहुपक्षवाद का समर्थन करने के लिए मिलकर काम करना

MEA का बयान

विदेश मंत्रालय ने इस बैठक को भारत और विसेग्राद ग्रुप के बीच विदेश मंत्रियों के स्तर पर संवाद शुरू करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। मंत्रालय के अनुसार V4+इंडिया फॉर्मेट सहयोग का एक अतिरिक्त मंच प्रदान करता है, जो V4 देशों के साथ भारत के लंबे और मजबूत संबंधों को और आगे बढ़ाएगा।यह बैठक भारत की वैश्विक भूमिका को मजबूत करने और यूरोपीय देशों के साथ रणनीतिक साझेदारी बढ़ाने की दिशा में एक सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। (इनपुट-एजेंसी)