टीडीबी का बड़ा कदम, भारत की पहली संपर्करहित भार मापन प्रणाली के व्यावसायीकरण को मिली सहायता

केंद्र सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के तहत कार्यरत प्रौद्योगिकी विकास बोर्ड (टीडीबी) ने औद्योगिक स्वचालन क्षेत्र में स्वदेशी तकनीक को बढ़ावा देने के लिए मुंबई स्थित मेसर्स प्योरट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड को वित्तीय सहायता प्रदान की है। यह सहायता “एलएमओ-लोड मेजरमेंट ओवरलोड सेंसर” परियोजना के व्यावसायीकरण के लिए दी गई है, जिसे भारत की पहली पूर्णतः संपर्करहित प्रोग्रामेबल भार मापन प्रणाली बताया गया है।

औद्योगिक स्वचालन को मिलेगी नई तकनीक

इस परियोजना का उद्देश्य अगली पीढ़ी की स्वदेशी भार-संवेदन प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण करना है। इस प्रणाली को लिफ्ट, सामग्री प्रबंधन प्रणाली, केबल मशीनरी, औद्योगिक स्वचालन तथा अन्य सुरक्षा-संवेदनशील अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया है। यह तकनीक पारंपरिक स्ट्रेन-गेज लोड सेल और आयातित भार-संवेदन प्रणालियों की सीमाओं को दूर करते हुए अधिक सटीक, कम रखरखाव वाली और कंपन-प्रतिरोधी भार निगरानी उपलब्ध कराएगी।

चुंबकीय तकनीक पर आधारित है नई प्रणाली

एलएमओ प्रणाली पारंपरिक यांत्रिक तनाव आधारित मापन के स्थान पर संपर्करहित चुंबकीय मापन सिद्धांत का उपयोग करती है। इसमें उच्च-रिजॉल्यूशन चुंबकीय संवेदन, उन्नत डिजिटल सिग्नल प्रोसेसिंग और प्रोग्रामेबल एम्बेडेड इलेक्ट्रॉनिक्स का उपयोग किया गया है। इसके जरिए न्यूनतम अंशांकन के साथ सटीक भार मापन संभव होगा तथा यह पीएलसी, एससीएडीए और आईओटी आधारित औद्योगिक स्वचालन प्रणालियों के साथ आसानी से एकीकृत हो सकेगी।

आत्मनिर्भर भारत को मिलेगा बढ़ावा

भारत में डिजाइन और विकसित की गई इस प्रणाली से उन्नत औद्योगिक सेंसर प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में देश की स्वदेशी क्षमता मजबूत होगी। इसके साथ ही आयात पर निर्भरता कम होने, भारतीय विनिर्माताओं को किफायती और विश्वसनीय समाधान उपलब्ध होने तथा लिफ्ट, क्रेन, होइस्ट और सामग्री प्रबंधन प्रणालियों जैसे क्षेत्रों में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

स्वदेशी नवाचारों को मिलेगा निरंतर समर्थन

टीडीबी के सचिव राजेश कुमार पाठक ने कहा कि उन्नत सेंसर प्रौद्योगिकियां आधुनिक औद्योगिक स्वचालन और स्मार्ट विनिर्माण की आधारशिला हैं। उन्होंने कहा कि एलएमओ जैसी स्वदेशी तकनीकें भारत की वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी औद्योगिक प्रौद्योगिकियां विकसित करने की क्षमता को दर्शाती हैं। उन्होंने कहा कि टीडीबी औद्योगिक सुरक्षा, विनिर्माण प्रतिस्पर्धात्मकता और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करने वाले नवाचारों को लगातार समर्थन देता रहेगा।

व्यावसायिक उत्पादन को मिलेगी गति

प्योरट्रॉनिक्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड ने टीडीबी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह वित्तीय सहायता कंपनी को अपनी स्वदेशी संपर्करहित भार-संवेदन तकनीक के व्यावसायिक स्तर पर उत्पादन, बाजार में तेजी से विस्तार तथा भारत को उन्नत औद्योगिक संवेदन समाधानों के वैश्विक विनिर्माता के रूप में स्थापित करने में मदद करेगी। (इनपुट: पीआईबी)

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