मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को बताया भरोसेमंद और सच्चा दोस्त

मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सच्चा मित्र बताया और कहा कि उनके साथ भरोसेमंद समझौता रहा है। मलेशियाई प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भारत और मलेशिया के बीच यह बैठक और दस्तावेजों का आदान-प्रदान “बेहद महत्वपूर्ण, रणनीतिक और रिश्तों को मजबूत करने के लिए आवश्यक” है। उन्होंने कहा कि हमारे देशों के बीच 1957 से लंबे समय से संबंध हैं, लेकिन 2024 में इसे व्यापक रणनीतिक साझेदारी का दर्जा दिया गया है।”

उन्होंने गहरे ऐतिहासिक संबंध, मजबूत पीपल-टू-पीपल कनेक्शन और लगातार बढ़ती आर्थिक साझेदारी को भी रेखांकित किया। प्रधानमंत्री इब्राहिम ने कहा, “हम सभी क्षेत्रों में सहयोग को और गहरा करेंगे। व्यापार और निवेश, सेमीकंडक्टर, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्थानीय मुद्रा में व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, कृषि, खाद्य सुरक्षा, रक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, पर्यटन, संस्कृति और लोगों के बीच संबंध को बढ़ाएंगे। यह वास्तव में व्यापक है, और हमें विश्वास है कि दोनों सरकारों और दोनों विदेश मंत्रियों की प्रतिबद्धता से इसे तेजी से आगे बढ़ाया जा सकता है।”

मलेशियाई प्रधानमंत्री ने बताया कि दोनों देशों ने 11 दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया, जिसमें एमओयू भी शामिल हैं। उन्होंने कहा कि यह आदान-प्रदान सामान्य द्विपक्षीय समझौतों से आगे बढ़कर हुआ क्योंकि इसमें सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य देखभाल और सुरक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों को भी शामिल किया गया।

प्रधानमंत्री इब्राहिम ने भारत के साथ व्यापार सहयोग बढ़ाने की आशा व्यक्त की और कहा कि यह 8.59 बिलियन डॉलर से आगे और अधिक बढ़ सकता है। उन्होंने स्थानीय मुद्राओं भारतीय रुपए और मलेशियाई रिंगित के इस्तेमाल को “अद्भुत उपलब्धि” बताया। उन्होंने शिक्षा संबंधों पर भी जोर दिया और कहा कि कई मलेशियाई नागरिक भारत में पढ़े हैं और मलेशिया में भारतीय छात्रों की संख्या भी बढ़ रही है। उन्होंने कहा, “पिछले दशक में, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत के शिक्षा केंद्रों को शानदार पहचान मिली है। कई केंद्र पश्चिमी देशों के संस्थानों से भी आगे की उपलब्धि हासिल कर चुके हैं। इसलिए हम निश्चित रूप से इस क्षेत्र में छात्रों की संख्या बढ़ाने पर विचार करेंगे।”

प्रधानमंत्री इब्राहिम ने पर्यटन और कनेक्टिविटी पर भी ध्यान देने की आवश्यकता जताई। उन्होंने कहा, “मैं अपनी सराहना व्यक्त करता हूं, क्योंकि प्रधानमंत्री मोदी के साथ मेरी बातचीत सिर्फ सामान्य कूटनीतिक आदान-प्रदान नहीं है, बल्कि यह सच्चे मित्रों के बीच भरोसे और समझ से भरा आदान-प्रदान है। मैं इस अवसर का उपयोग उन्हें शांति प्रयासों के समर्थन के लिए धन्यवाद देने के लिए करना चाहता हूं, चाहे वह यूक्रेन-रूस मामला हो या मध्य पूर्व, खासकर गाजा।”

उन्होंने कहा कि भारत और मलेशिया के अच्छे संबंधों के संकेत के तौर पर, उन्होंने भारत का कांसुलेट खोलने के भारत सरकार के फैसले को तुरंत सहमति दी। इससे पहले, दोनों नेताओं ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की बातचीत की, जिसमें रक्षा और सुरक्षा समेत कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय संबंध मजबूत करने के उपायों पर चर्चा हुई। पीएम मोदी का यह दौरा भारत और मलेशिया के बीच लंबे समय से चल रहे मित्रता संबंधों को और गहरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जो आपसी भरोसे, साझा मूल्यों और भविष्य के लिए समान आकांक्षाओं पर आधारित है।(इनपुट-आईएएनएस)

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