मंगल पांडे की जयंती पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने दी श्रद्धांजलि, कहा- उनका साहस देशवासियों के लिए प्रेरणा

भारत के पहले स्वतंत्रता संग्राम के महानायक मंगल पांडे की जयंती पर देशभर के नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके साहस को नमन किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर मंगल पांडे को याद करते हुए लिखा, “महान स्वतंत्रता सेनानी मंगल पांडे को उनकी जयंती पर आदरपूर्ण श्रद्धांजलि। वे ब्रिटिश हुकूमत को चुनौती देने वाले देश के अग्रणी योद्धा थे। उनके साहस और पराक्रम की कहानी देशवासियों के लिए प्रेरणास्रोत बनी रहेगी।”

केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने लिखा, “1857 के संग्राम के नायक, अद्वितीय योद्धा व राष्ट्रप्रेम की प्रेरणा मंगल पांडे जी को उनकी जयंती पर कोटि-कोटि नमन।” उन्होंने आगे कहा कि मंगल पांडे ने अपने साहस और पराक्रम से अंग्रेजी शासन की नींव हिला दी थी। उनके नेतृत्व में बैरकपुर छावनी आजादी की क्रांति का केंद्र बन गई और इससे देशभर में स्वतंत्रता की लहर फैल गई।

केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने भी उन्हें नमन करते हुए कहा, “1857 की क्रांति के अग्रदूत, मां भारती के वीर सपूत और अमर शहीद मंगल पांडे की जयंती पर शत्-शत् नमन। देश की स्वाधीनता व सांस्कृतिक स्वाभिमान के लिए उनका त्याग और समर्पण अविस्मरणीय है।” केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगल पांडे को श्रद्धांजलि देते हुए लिखा, “मां भारती के वीर सपूत, प्रथम स्वाधीनता संग्राम के महानायक और अमर बलिदानी मंगल पांडे की जयंती पर कोटिश: नमन करता हूं। उनका त्याग, समर्पण एवं बलिदान आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा।”

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के अग्रदूत, अमर बलिदानी मंगल पांडे की जयंती पर उन्हें शत-शत नमन! उनका सर्वोच्च बलिदान स्वतंत्रता की चेतना का प्रथम शंखनाद था और उनकी अमर क्रांति-ज्योति युगों तक हर भारतीय हृदय में राष्ट्रसेवा का दीप जलाती रहेगी।”

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने लिखा, “न डर था, न झुकने की सोच, बस आजादी का जुनून था। एक नाम, जो बगावत की पहचान बना- महानायक मंगल पांडे। उनकी जयंती पर उन क्रांतिकारी को शत्-शत् नमन।”

मंगल पांडे को 1857 की क्रांति का प्रथम नायक माना जाता है। उन्होंने अंग्रेजी सेना में रहते हुए बैरकपुर में विद्रोह कर आज़ादी की पहली चिंगारी जलाने का कार्य किया, जिससे भारत के स्वतंत्रता संग्राम की शुरुआत हुई। आज भी उनका साहस और बलिदान देशवासियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना हुआ है।-(IANS)

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