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आरबीआई के फैसले के बाद भी बाजार में सुस्ती, सेंसेक्स-निफ्टी लाल निशान में बंद

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार को गिरावट के साथ बंद हुए। निवेशकों ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) के फैसले और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं का आकलन करते हुए सतर्क रुख अपनाया।

बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 116.67 अंक यानी 0.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 74,243.34 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी 49.85 अंक यानी 0.21 प्रतिशत फिसलकर 23,366.70 अंक पर बंद हुआ।

निफ्टी के लिए 23,450 से 23,550 का स्तर निकट अवधि में प्रमुख प्रतिरोध (रेजिस्टेंस) बना हुआ है। निफ्टी इस दायरे के ऊपर मजबूती से टिकता है तो बाजार में सकारात्मक माहौल बन सकता है और सूचकांक 23,750 से 23,800 के स्तर तक पहुंच सकता है।

 निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरावट वाले शेयरों में हिंदाल्को इंडस्ट्रीज, विप्रो और ट्रेंट शामिल रहे।

व्यापक बाजार (ब्रॉडर मार्केट) में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.35 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.06 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।

सेक्टोरल आधार पर आईटी और मेटल शेयरों में दबाव देखने को मिला, जबकि मीडिया सेक्टर ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया।

बाजार में सतर्कता का माहौल उस समय और बढ़ गया जब आरबीआई की एमपीसी ने सर्वसम्मति से नीतिगत रेपो दर को 5.25 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया। केंद्रीय बैंक ने बढ़ती वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच तटस्थ (न्यूट्रल) रुख बनाए रखा।

इसके साथ ही आरबीआई ने घरेलू वित्तीय बाजारों में विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई कदमों की भी घोषणा की। इनमें अनिवासी भारतीयों (एनआरआई) और भारतीय मूल के विदेशी नागरिकों (ओसीआई) के लिए इक्विटी निवेश सीमा बढ़ाना तथा फुली एक्सेसिबल रूट (एफएआर) के तहत सरकारी प्रतिभूतियों की सूची का विस्तार करना शामिल है।

(इनपुट-आईएएनएस)