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मानसून अनुमान के बाद बाजार में बढ़ी बेचैनी, सेंसेक्स 1,092 अंक टूटा

अमेरिकी-ईरान समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता और आखिरी घंटे में तेज बिकवाली के चलते शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई।

सेंसेक्स 1,092.06 अंक यानी 1.44 प्रतिशत टूटकर 74,775.74 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 359.40 अंक यानी 1.50 प्रतिशत गिरकर 23,547.75 पर बंद हुआ।

कारोबार के दौरान निफ्टी में भारी उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सूचकांक दिन में 24,002.80 के उच्च स्तर तक पहुंचा, लेकिन बाद में गिरकर 23,484.75 के निचले स्तर तक आ गया।

वहीं सेंसेक्स भी शुरुआती कारोबार में 76,220.02 तक पहुंचा था, लेकिन अंतिम घंटे में बिकवाली बढ़ने से यह 74,589.11 तक फिसल गया।

विशेषज्ञों के अनुसार, यदि निफ्टी 23,500 के स्तर से नीचे बना रहता है तो बाजार पर और दबाव बढ़ सकता है तथा आने वाले समय में यह 23,300 से 23,200 के दायरे तक जा सकता है।

विश्लेषकों ने कहा कि ऊपर की ओर 23,750 से 23,800 का स्तर अब तात्कालिक प्रतिरोध क्षेत्र रहेगा, जबकि 24,000 का स्तर मजबूत प्रतिरोध माना जा रहा है।

व्यापक बाजार में भी कमजोरी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 1.33 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक 0.85 प्रतिशत गिरकर बंद हुए।

भारी वजन वाले शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बढ़ाया। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयर 2.18 प्रतिशत से अधिक टूटे, जबकि आईटीसी में 1.71 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

हालांकि सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र के शेयर अपेक्षाकृत मजबूत रहे और निफ्टी आईटी सूचकांक में 0.60 प्रतिशत से अधिक की बढ़त दर्ज की गई।

भारतीय मौसम विभाग द्वारा मानसून को दीर्घकालिक औसत का 90 प्रतिशत रहने के अनुमान के बाद बाजार में व्यापक बिकवाली देखने को मिली, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई।

(इनपुट- आईएएनएस)