घरेलू शेयर बाजार में गुरुवार को उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। दिन के दौरान अच्छी बढ़त के बावजूद, बैंकिंग और ऑटो सेक्टर में बिकवाली के चलते प्रमुख सूचकांक अपने इंट्रा-डे हाई से नीचे आकर मामूली गिरावट के साथ बंद हुए।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 122.56 अंक यानी 0.16 प्रतिशत गिरकर 77,988.68 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी भी 34.55 अंक या 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,196.75 के स्तर पर बंद हुआ।
विशेषज्ञों के अनुसार, निफ्टी 24,300 के महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस स्तर को पार नहीं कर सका, जिससे निकट अवधि का रुझान अनिश्चित बना हुआ है। उनका कहना है कि अगर अगली ट्रेडिंग में निफ्टी इस स्तर को मजबूती से पार करता है, तो बाजार में तेज़ी जारी रह सकती है। वहीं, ऐसा न होने पर मुनाफावसूली बढ़ सकती है, जिससे निफ्टी 24,000 तक फिसल सकता है।
निफ्टी में गिरावट लाने वाले प्रमुख शेयरों में एचडीएफसी बैंक, ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन (ONGC) और एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस शामिल रहे।
हालांकि, मुख्य सूचकांकों में कमजोरी के बावजूद व्यापक बाजार ने बेहतर प्रदर्शन किया। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.63 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स 0.83 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।
सेक्टोरल स्तर पर मेटल और आईटी शेयरों में खरीदारी देखने को मिली, जिससे ये सेक्टर टॉप गेनर्स रहे। इसके विपरीत, ब्याज दरों से संवेदनशील प्राइवेट बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में दबाव बना रहा और ये सबसे ज्यादा गिरावट वाले सेक्टर रहे।
विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले समय में बाजार की दिशा वैश्विक संकेतों, खासकर अमेरिका-ईरान वार्ता से जुड़ी खबरों और कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर करेगी। इसके अलावा कंपनियों के तिमाही नतीजे और वैश्विक निवेशकों की धारणा भी बाजार की चाल तय करेंगे।
(इनपुट-आईएएनएस)


