घरेलू शेयर बाजारों में मंगलवार को शुरुआती कारोबार के दौरान तेज गिरावट देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशकों में घबराहट रही।
सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 524 अंकों या 0.67 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,745 पर कारोबार करता दिखा, जबकि निफ्टी 170 अंकों या 0.7 प्रतिशत गिरकर 23,949 पर पहुंच गया।
सेक्टर के हिसाब से ऑटो, फाइनेंशियल, बैंकिंग, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मेटल शेयरों में बिकवाली का दबाव रहा। निफ्टी ऑटो, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और निफ्टी मेटल इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी के 50 शेयरों में श्रीराम फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, मारुति सुजुकी, आयशर मोटर्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा, बजाज फिनसर्व, इंडिगो, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, लार्सन एंड टुब्रो, ट्रेंट और टाटा स्टील प्रमुख गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। वहीं, निफ्टी आईटी और निफ्टी एफएमसीजी सेक्टर में कुछ मजबूती देखने को मिली।
इस बीच, वोलैटिलिटी इंडेक्स इंडिया VIX में 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो बाजार में बढ़ती अनिश्चितता को दर्शाता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव ने बाजार की चिंता बढ़ा दी है। वाशिंगटन और तेहरान के बीच बढ़ते टकराव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव के कारण बाजार पर दबाव बना हुआ है।
ब्रेंट क्रूड का लगभग 113 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचना, अमेरिका के 10 साल के बॉन्ड यील्ड का 4.44 प्रतिशत तक बढ़ना विदेशी निवेशकों के लिए नकारात्मक संकेत हैं।
कमोडिटी बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.36 प्रतिशत गिरकर 112.88 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जबकि अमेरिकी WTI क्रूड 2.34 प्रतिशत गिरकर 103.92 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।
वैश्विक बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। हांगकांग का हैंगसेंग 1 प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि जापान का निक्केई मामूली बढ़त में रहा और दक्षिण कोरिया का कोस्पी सपाट कारोबार करता दिखा। अमेरिकी बाजारों में भी गिरावट रही, जहां S&P 500 में 0.41 प्रतिशत और नैस्डैक में 0.20 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
(इनपुट-आईएएनएस)


