अब दूसरे देश में भी जन औषधि केंद्र से लोग सस्ती दवाएं ले सकते हैं। दरअसल, मॉरीशस में भारत के पहले जन औषधि केन्द्र का विदेश मंत्री सुब्रह्मण्‍यम जयशंकर ने उद्घाटन किया। मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद कुमार जगन्नाथ भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

भारत में निर्मित और सस्ती दवा की होगी आपूर्ति
सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा कि इस औषधि केन्‍द्र की स्‍थापना का वादा पीएम मोदी ने इस वर्ष के शुरू में किया था जिसे अब पूरा किया गया है। उन्होंने कहा कि भारत-मॉरीशस स्वास्थ्य साझेदारी परियोजना के अंतर्गत भारत में निर्मित और सस्ती दवाओं की आपूर्ति की जाएगी ताकि जन स्‍वास्‍थ्‍य और लोगों की खुशहाली को बढ़ावा दिया जा सके।

स्वास्थ्य प्राथमिकता का क्षेत्र
इससे पहले विदेश मंत्री डॉक्टर जयशंकर ने मॉरीशस के ग्रैंड बोआ क्षेत्र में भारत की आर्थिक सहायता से बनी मेडिक्लिनिक परियोजना का भी उद्घाटन किया और इसे आपसी मित्रता की नवीनतम अभिव्‍यक्ति करार दिया। विदेश मंत्री ने कहा कि मेडिक्लिनिक खुलने से ग्रैंड बोआ क्षेत्र में 16 हजार लोगों को विशेषज्ञ उपचार सेवा मिलेगी। इस पर गर्व महसूस करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य हम सभी के लिए प्राथमिकता का क्षेत्र है और इसके प्रति हम सब जागरूक हैं।

बता दें कि इसी साल फरवरी में मॉरीशस ‘जन औषधि योजना’ को अपनाने वाला पहला देश बन गया है, जो भारत के फार्मास्यूटिकल्स और मेडिकल डिवाइसेज ब्यूरो से लगभग 250 उच्च गुणवत्ता वाली दवाओं की सोर्सिंग की अनुमति देता है। इससे मॉरीशस के लोगों को बड़े पैमाने पर लाभ मिल रहा है और दोनों देशों के बीच साझेदारी को आगे बढ़ने के लिए गति भी मिल रही है।

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