असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शुक्रवार को भारतीय सेना की गजराज कोर के जनरल ऑफिसर कमांडिंग (जीओसी) लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ बैठक कर पूर्वोत्तर में शांति, स्थिरता और सुरक्षा से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। मुख्यमंत्री ने बैठक को उपयोगी बताते हुए क्षेत्र में शांति बनाए रखने में भारतीय सेना की भूमिका की सराहना की।
मुख्यमंत्री ने सेना की भूमिका की सराहना की
मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा कि गजराज कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल नीरज शुक्ला के साथ उनकी सार्थक बातचीत हुई। उन्होंने कहा कि गजराज कोर का क्षेत्र में गौरवशाली इतिहास रहा है और यह शांति एवं स्थिरता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती रही है। उन्होंने बताया कि बैठक में आगे की रणनीति पर भी चर्चा हुई।
पूर्वोत्तर में बेहतर हुई सुरक्षा स्थिति
यह बैठक ऐसे समय में हुई है, जब पूर्वोत्तर में कानून-व्यवस्था की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिला है। पिछले कुछ वर्षों में कई उग्रवादी संगठनों ने केंद्र और असम सरकार के साथ शांति समझौते किए हैं, जिससे क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में प्रगति हुई है।
गजराज कोर की अहम जिम्मेदारी
तेजपुर स्थित गजराज कोर भारतीय सेना की प्रमुख ऑपरेशनल संरचनाओं में शामिल है, जो पूर्वी सीमा की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालती है। सुरक्षा अभियानों के अलावा यह कोर मानवीय सहायता, आपदा राहत और विभिन्न नागरिक कल्याण कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रही है।
सुरक्षा और विकास में तालमेल पर चर्चा
अधिकारियों के अनुसार, बैठक से सुरक्षा चुनौतियों से निपटने तथा सीमावर्ती और दूरदराज के क्षेत्रों में विकास कार्यों को आगे बढ़ाने के लिए असम सरकार और भारतीय सेना के बीच बेहतर समन्वय की प्रतिबद्धता भी सामने आई है।
आपदा राहत में भी निभाती है महत्वपूर्ण भूमिका
भारतीय सेना असम में बाढ़, प्राकृतिक आपदाओं और अन्य आपात स्थितियों के दौरान नागरिक प्रशासन की सहायता करती रही है। इसके साथ ही सेना अपने आउटरीच कार्यक्रमों के माध्यम से विभिन्न जनकल्याणकारी गतिविधियों का भी संचालन करती है।
स्थायी शांति की रणनीति पर रहा फोकस
हालांकि मुख्यमंत्री ने बैठक के विस्तृत एजेंडे की जानकारी साझा नहीं की, लेकिन उनके बयान से संकेत मिलता है कि चर्चा का मुख्य उद्देश्य सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करना तथा पूर्वोत्तर में स्थायी शांति और स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए भविष्य की रणनीति तैयार करना था। बैठक ने क्षेत्रीय विकास, जनकल्याण और रणनीतिक हितों की रक्षा के लिए राज्य सरकार और भारतीय सेना के बीच मजबूत साझेदारी को भी रेखांकित किया। (इनपुट: आईएएनएस)


