माइक्रोसॉफ्ट 15,000 से ज़्यादा कंपनियों को भारत के NCS रोज़गार प्लेटफॉर्म से जोड़ेगा

दुनिया की बड़ी सॉफ्टवेयर कंपनी माइक्रोसॉफ्ट अब केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय के साथ मिलकर काम करेगी। बुधवार को यह घोषणा की गई कि इस साझेदारी के तहत, माइक्रोसॉफ्ट AI-संचालित चैटबॉट्स (AI-powered chatbots) लाएगा, जो कर्मचारियों को प्रमुख सरकारी रोज़गार प्लेटफॉर्म्स पर सही मार्गदर्शन देंगे।

इस साझेदारी की एक सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि माइक्रोसॉफ्ट अपनी बड़ी अंतर्राष्ट्रीय नेटवर्क से 15,000 से अधिक कंपनियों और पार्टनर्स को मंत्रालय के नेशनल करियर सर्विस (NCS) प्लेटफॉर्म पर लाने के लिए काम करेगा। यह सहयोग रोज़गार के अवसरों को बढ़ाने, AI आधारित स्किलिंग (कौशल विकास) को बड़े स्तर पर ले जाने और भारत के कार्यबल को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।

इससे औपचारिक नौकरियों तक लोगों की पहुंच काफी बढ़ेगी, हाई-ग्रोथ वाले सेक्टर्स को मदद मिलेगी, और भारत घरेलू मांग के साथ-साथ दुनिया के लिए भी कुशल कार्यबल तैयार कर सकेगा। इससे भारतीय पेशेवरों और युवाओं के अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर काम करने के रास्ते मज़बूत होंगे।

अगस्त 2021 में लॉन्च किया गया ई-श्रम पोर्टल, जिसे कोविड लॉकडाउन के दौरान लाखों अनौपचारिक कर्मचारियों के रोज़गार खोने के बाद बनाया गया था, वह माइक्रोसॉफ्ट एज़ूर (Microsoft Azure) पर आधारित है। कंपनी के अनुसार, यह सिस्टम प्रति सेकंड 1,72,000 ट्रांजैक्शन संभाल सकता है और पहले एक ही दिन में 80 लाख तक रजिस्ट्रेशन को मैनेज कर चुका है। सरकार और माइक्रोसॉफ्ट दोनों का मानना है कि AI चैटबॉट्स के जुड़ने से कर्मचारियों के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ उठाना, अपनी रोज़गार क्षमता बढ़ाना और बेहतर नौकरियों के अवसर ढूंढना आसान हो जाएगा।

यह समझौता ज्ञापन डिजीसक्षम (DigiSaksham) के माध्यम से AI-आधारित स्किलिंग पहलों का भी विस्तार करेगा। इसके तहत, लाखों युवाओं को AI, क्लाउड टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा और प्रोडक्टिविटी टूल्स में भविष्य के लिए तैयार कौशल से लैस किया जाएगा। ये प्रयास वैश्विक मानकों और उभरती उद्योग ज़रूरतों के अनुरूप एक कार्यबल बनाने में योगदान देंगे।

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने इस साझेदारी का स्वागत किया और कहा कि यह भारत के अनुकूल जनसांख्यिकीय लाभांश (demographic dividend) का लाभ उठाने और एक विश्व स्तरीय, डिजिटल रूप से कुशल कार्यबल बनाने की साझा महत्वाकांक्षा को दर्शाता है। उन्होंने जोर दिया कि माइक्रोसॉफ्ट की भागीदारी से रोज़गार तक पहुँच तेज़ होगी, स्किलिंग गहरी होगी, और वैश्विक श्रम गतिशीलता में भारत का नेतृत्व बढ़ेगा।

डॉ. मांडविया ने यह भी बताया, “भारत ने सामाजिक सुरक्षा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है, जिसमें कवरेज 2015 के 19% से बढ़कर 2025 में 64.3% हो गया है, जिससे 94 करोड़ से अधिक नागरिकों को लाभ मिला है। ई-श्रम और नेशनल करियर सर्विस जैसे प्लेटफॉर्म में AI को शामिल करके, हम सामाजिक सुरक्षा को मज़बूत कर रहे हैं और मार्च 2026 तक 100 करोड़ नागरिकों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के अपने लक्ष्य के करीब पहुंच रहे हैं।”

सत्या नडेला ने भी सामाजिक सुरक्षा कवरेज के उल्लेखनीय विस्तार की सराहना की और कहा कि भारत अब 64.3% कवरेज तक पहुँच गया है, जिससे 94 करोड़ लोगों को फायदा हुआ है। उन्होंने विशेष रूप से ई-श्रम पहल की प्रशंसा की, जिसने लाखों असंगठित कर्मचारियों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाया है और वास्तविक समय के डेटा के आधार पर कर्मचारी-केंद्रित नीतियां बनाने की भारत की क्षमता को मज़बूत किया है।

-(इनपुटःएजेंसी)