संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates, UAE) ने ईरान की ओर से कथित मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद अपने हवाई क्षेत्र पर प्रतिबंध लगा दिए हैं। यह कदम क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा खतरे और नागरिक उड्डयन को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से उठाया गया है। यूनाइटेड अरब अमीरात ने अपनी जनरल सिविल एविएशन अथॉरिटी की ओर से प्रकाशित नोटिस टू एयर मेन (नोटम) के मुताबिक 11 मई तक कुछ रूट्स पर फ्लाइट्स रोक दी गई हैं और ‘इमरजेंसी सिक्योरिटी प्रोटोकॉल’ सक्रिय कर दिए गए हैं।
हवाई क्षेत्र को पूरी तरह बंद नहीं किया गया है, लेकिन उड़ानों को केवल निर्धारित और सुरक्षित मार्गों तक सीमित कर दिया गया है। यह प्रतिबंध अस्थायी बताया जा रहा है, जिसे स्थिति की समीक्षा के आधार पर आगे बढ़ाया या हटाया जा सकता है। ये रोक यूएई के सभी एहतियाती एयरस्पेस उपाय हटाने और यह कहने के दो दिन बाद लगाई गई हैं कि उसका एयरस्पेस साफ है।
यूएई ने सोमवार को कहा कि उसका एयर डिफेंस ईरानी मिसाइलों और ड्रोन को रोक रहा है, जिससे कई फ्लाइट्स को ओमान के मस्कट की ओर डायवर्ट करना पड़ा और सऊदी अरब के ऊपर चक्कर लगाना पड़ा। नोटम में लिखा है, “एमिरेट्स एफआईआर आंशिक तौर पर बंद है,” और यह भी कहा गया है कि यूएई में आने-जाने वाली उड़ानों को सिर्फ खास प्रवेश और निकासी मार्ग से ही गुजरने की इजाजत है।
दरअसल, फुजैराह तेल पोर्ट पर हमले के बाद ही ये एहतियाती कदम उठाया गया है। पोर्ट पर हुए कथित हमले में तीन भारतीयों के घायल होने की खबर है। इस हमले पर दुनिया ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत दुनिया के कई राष्ट्राध्यक्षों ने हमले की कड़े शब्दों में निंदा की। साथ ही अपील की कि मामले को मिल जुलकर संवाद के जरिए सुलझा लिया जाए।
वहीं हमलों को लेकर ईरान का कहना है कि इसके लिए जिम्मेदार अमेरिका है। ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात में हालिया घटनाओं को लेकर सीधे तौर पर किसी हमले से इनकार किया और कहा कि अमेरिका का “सैन्य दुस्साहस” इसके लिए जिम्मेदार है। (इनपुट-आईएएनएस)


