रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने दिल्ली मंडल के नियंत्रण कार्यालय का दौरा कर रेल सुरक्षा, संचालन, समय की पाबंदी और जन शिकायतों समेत विभिन्न पहलुओं की समीक्षा की। उन्होंने नियंत्रण कार्यालय के अधिकारियों और कर्मचारियों से बातचीत कर रेल संचालन की जमीनी स्थिति और सुधार की संभावनाओं की जानकारी ली। इस दौरान दिल्ली मंडल के डीआरएम पुष्पेश आर. त्रिपाठी और उनकी टीम के साथ भी विस्तृत चर्चा हुई।
चौबीसों घंटे निगरानी करता है नियंत्रण कार्यालय
नियंत्रण कार्यालय रेलवे मंडल के संचालन का प्रमुख केंद्र होता है। यहां ट्रेनों के परिचालन, रखरखाव की योजना, पर्यवेक्षण और सुरक्षा संबंधी गतिविधियों की चौबीसों घंटे निगरानी की जाती है। यह व्यवस्था सातों दिन और पूरे वर्ष लगातार संचालित होती है, ताकि रेल सेवाओं का सुरक्षित और सुचारु संचालन सुनिश्चित किया जा सके।
प्रमुख नियंत्रण विभागों के कामकाज का लिया जायजा
दौरे के दौरान वी. सोमन्ना ने सेक्शन कंट्रोलर और नियंत्रण कार्यालय के विभिन्न विभागों के कामकाज का अवलोकन किया। इनमें इंजीनियरिंग, कोचिंग, माल, वाणिज्यिक, सिग्नल एवं दूरसंचार, ट्रैक्शन और सुरक्षा नियंत्रण शामिल रहे। उन्होंने दिल्ली मंडल के अत्याधुनिक सुपरवाइजरी कंट्रोल एंड डेटा एक्विजिशन (एससीएडीए) सेंटर और वॉर रूम का भी दौरा किया।
जमीनी स्तर के कर्मचारियों से ली जानकारी
दिल्ली मंडल भारतीय रेलवे के सबसे जटिल प्रशासनिक मंडलों में शामिल है। अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बातचीत के दौरान राज्य मंत्री ने रेल संचालन की जटिलताओं को समझा। उन्होंने जमीनी स्तर पर काम करने वाले कर्मचारियों से सीधे जानकारी लेकर परिचालन में सुधार के संभावित क्षेत्रों की पहचान करने पर जोर दिया।
तकनीक के इस्तेमाल पर विशेष जोर
चर्चा में रेलवे संचालन और सुरक्षा व्यवस्था में तकनीक के इस्तेमाल को और बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार किया गया। इसके साथ कर्मचारियों की कार्य स्थितियों में सुधार तथा रेल संचालन और बुनियादी ढांचे के भविष्य के विकास से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई। सोमन्ना ने कहा कि तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल रेलवे की दक्षता और सुरक्षा को और मजबूत कर सकता है।
तकनीक से कम हो रही मानवीय त्रुटियां
वी. सोमन्ना ने रेल संचालन, सुरक्षा पर्यवेक्षण और रखरखाव निगरानी समेत रेलवे के विभिन्न क्षेत्रों में प्रौद्योगिकी को तेजी से अपनाने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के मार्गदर्शन में भारतीय रेल में इन क्षेत्रों में तकनीक के इस्तेमाल की गति बढ़ी है।
मेक इन इंडिया पर भी जोर
राज्य मंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित प्रणालियों ने मानवीय त्रुटियों को कम करने और रेल सुरक्षा बढ़ाने में मदद की है। उन्होंने कहा कि मेक इन इंडिया और भविष्य की अन्य नीतिगत पहलों पर निरंतर ध्यान देते हुए इन प्रयासों को और मजबूत किया जाएगा। आधुनिक निगरानी और डेटा आधारित प्रणालियां रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और कुशल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
रेलवे कर्मचारियों के समर्पण की सराहना
वी. सोमन्ना ने रेलवे कर्मचारियों के अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत की सराहना की। उन्होंने कहा कि रेलवे कर्मचारी सेना के समान प्रतिबद्धता के साथ चौबीसों घंटे काम करते हैं। उनके मुताबिक, रेल व्यवस्था को सुरक्षित और सुचारु बनाए रखने में कर्मचारियों की निरंतर मेहनत और जिम्मेदारी महत्वपूर्ण है।
सुरक्षा और परिचालन दक्षता मजबूत करने पर फोकस
दिल्ली मंडल नियंत्रण कार्यालय के दौरे से रेलवे के प्रदर्शन को और बेहतर बनाने के लिए तकनीक आधारित निगरानी, परिचालन दक्षता, सुरक्षा पर्यवेक्षण और कर्मचारी-केंद्रित सुधारों को मजबूत करने की आवश्यकता सामने आई। समीक्षा के दौरान रेल सेवाओं की समय की पाबंदी और यात्रियों की शिकायतों के प्रभावी समाधान को भी प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। (इनपुट: पीआईबी)


