केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि और ग्रामीण विकास मंत्रालय “रिफॉर्म एक्सप्रेस” पर सवार होकर तेजी से काम कर रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि सरकार का काम केवल फाइलों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि उसका असर सीधे किसानों, गरीबों और ग्रामीणों के जीवन में दिखाई देना चाहिए।
शिकायत निवारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंत्रिपरिषद की बैठक में दिए गए दिशा-निर्देशों के बाद शिवराज सिंह चौहान ने अपने दोनों मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारियों की उच्चस्तरीय बैठक ली। बैठक में उन्होंने कहा कि किसान, गरीब और आम नागरिक को योजनाओं का लाभ पाने या शिकायतों के समाधान के लिए भटकना नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने कृषि, ग्रामीण विकास, भूमि संसाधन और आईसीएआर समेत सभी इकाइयों में शिकायत निवारण तंत्र को अधिक प्रभावी, जवाबदेह और परिणाममुखी बनाने के निर्देश दिए।
हर महीने होगी शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि केवल शिकायतों का “डिस्पोजल” दिखाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित होना चाहिए कि लाभार्थी को वास्तविक राहत मिली या नहीं। उन्होंने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास विभागों में 10-10 अधिकारियों की टीम गठित की जाएगी, जो रोजाना शिकायतों, जनप्रतिनिधियों के पत्रों और विभिन्न पोर्टलों पर दर्ज समस्याओं की समीक्षा करेगी। उन्होंने बताया कि हर महीने शिकायत निवारण व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
नियम और प्रक्रियाओं को सरल बनाने पर जोर
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लगातार रिफॉर्म्स पर जोर दे रहे हैं और अब हर विभाग को यह पहचानना होगा कि योजनाओं में कठिनाई कहां है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जटिल प्रक्रियाओं, पुराने नियमों और अनावश्यक लाइसेंस व्यवस्था की पहचान कर एक सप्ताह के भीतर सुधार योग्य बिंदुओं की सूची तैयार की जाए।
एआई, डेटा और डिजिटल गवर्नेंस पर फोकस
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि कृषि और ग्रामीण विकास में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल प्लेटफॉर्म, डेटा शेयरिंग और डेटा आधारित निर्णय प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को अलग टीम बनाकर टेक्नोलॉजी आधारित सुधारों के प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल गवर्नेंस से पारदर्शिता और दक्षता दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।
कोर्ट केस और फाइल कल्चर सुधारने की जरूरत
बैठक में केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक कार्यसंस्कृति में बदलाव पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि फाइलों की ड्राफ्टिंग और नोटिंग की गुणवत्ता सुधारना जरूरी है, ताकि निर्णय प्रक्रिया तेज और प्रभावी बन सके। साथ ही लंबित कोर्ट केसों की समीक्षा कर मजबूत कानूनी तैयारी करने और जरूरत पड़ने पर बेहतर वकीलों की नियुक्ति करने के निर्देश भी दिए गए।
‘रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म’ मंत्र पर जोर
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के “रिफॉर्म, परफॉर्म, ट्रांसफॉर्म और इन्फॉर्म” मंत्र के जरिए किसानों और ग्रामीणों के जीवन में बदलाव लाने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि योजनाओं और सुधारों की जानकारी जनता तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया, वीडियो, ग्राफिक्स, रील्स और जनसंवाद का व्यापक उपयोग किया जाएगा।
2047 विजन और राज्यों के साथ साझेदारी पर फोकस
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए सभी विभाग अपने विजन दस्तावेज और समयबद्ध कार्ययोजना तैयार करें। उन्होंने राज्यों के साथ बेहतर समन्वय, ज़ोनल कॉन्फ्रेंस और योजनावार साझेदारी को कृषि एवं ग्रामीण विकास की सफलता की कुंजी बताया।
अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचने के निर्देश
शिवराज सिंह चौहान ने अधिकारियों से कहा कि अनावश्यक विदेश यात्राओं से बचा जाए और प्राथमिकता देश के भीतर काम की गति, गुणवत्ता और परिणाम सुधारने को दी जाए। उन्होंने कहा कि सरकार की हर योजना का लाभ अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी तरीके से पहुंचना चाहिए। (इनपुट: पीआईबी)


