पंचायती राज मंत्रालय ने आज गुवाहाटी में ‘सेवा से समृद्धि: पंचायत-आधारित सेवा वितरण’ विषय पर एक क्षेत्रीय कार्यशाला का आयोजन किया, जिसमें शीर्ष ग्राम पंचायतों और अग्रणी साझा सेवा केंद्रों (सीएससी) को सम्मानित किया गया। यह आयोजन सीएससी-एसपीवी और असम सरकार के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के सहयोग से हुआ, जिसमें सात राज्यों के पंचायत प्रतिनिधि, ग्राम स्तरीय उद्यमी और सरकारी अधिकारी शामिल हुए।
कार्यशाला की अध्यक्षता और विकसित भारत 2047 पर जोर
कार्यशाला की अध्यक्षता पंचायती राज राज्य मंत्री एसपी सिंह बघेल ने की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय समृद्धि का मार्ग गांवों, किसानों और ग्रामीण आजीविका से होकर गुजरता है और सशक्त नागरिक ही सशक्त गांव और विकसित भारत 2047 की नींव हैं। उन्होंने ग्रामीण विकास में स्थानीय संस्थाओं की भूमिका को निर्णायक बताया।
सीएससी और डिजिटल सेवा वितरण पर फोकस
एसपी सिंह बघेल ने कहा कि सीएससी नेटवर्क ने ग्रामीण क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन किया है और करोड़ों नागरिकों को पेंशन, प्रमाण पत्र, बीमा और कल्याणकारी योजनाओं जैसी सेवाओं तक आसान पहुंच उपलब्ध कराई है। उन्होंने आधार, बैंक और भूमि रिकॉर्ड डेटा की सटीकता बढ़ाने की जरूरत पर जोर देते हुए कहा कि छोटी त्रुटियां भी कई बार पात्र लाभार्थियों को योजनाओं से वंचित कर देती हैं।
ग्रामीण शासन और समन्वय पर जोर
उन्होंने कहा कि जब सीएससी को ग्राम पंचायतों के साथ प्रभावी रूप से जोड़ा जाता है, तो यह अंतिम छोर तक सेवा वितरण का मजबूत माध्यम बन जाता है। उन्होंने डिजिटल प्लेटफॉर्म और स्थानीय शासन संस्थानों के बीच समन्वय बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि हर पात्र नागरिक को समय पर लाभ मिल सके और ‘सेवा से समृद्धि’ का लक्ष्य पूरा हो सके।
राज्य प्रतिनिधियों और असम सरकार की भूमिका
असम सरकार के मंत्री रामेश्वर तेली ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच सहयोग की सराहना की और चाय बागान जनजाति व आदिवासी समुदायों के कल्याण को प्राथमिकता बताया। असम सरकार के अतिरिक्त मुख्य सचिव बल्लेपु कल्याण चक्रवर्ती ने कहा कि क्षमता निर्माण, विकेंद्रीकरण और डिजिटल शासन ग्रामीण विकास की रीढ़ हैं, जबकि पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की आयुक्त कीर्ति जल्ली ने अंतरराज्यीय ज्ञान साझा करने पर जोर दिया।
श्रेष्ठ ग्राम पंचायतों और उद्यमियों का सम्मान
कार्यशाला में कई ग्राम पंचायतों और उद्यमियों को डिजिटल सेवा वितरण में उत्कृष्ट योगदान के लिए सम्मानित किया गया। ओडिशा की सुआकाटी ग्राम पंचायत को डिजिटल सेवाओं के नवाचार और 24×7 ट्रैकिंग आधारित सेवा मॉडल के लिए सराहना मिली, जबकि तेलंगाना की शिवारेड्डीगुडेम ग्राम पंचायत को पारदर्शी और तकनीक-आधारित शासन के लिए मान्यता दी गई। इसके अलावा असम, ओडिशा, पंजाब और राजस्थान के ग्राम स्तरीय उद्यमियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
सीएससी मॉडल और तकनीकी सत्रों पर चर्चा
सीएससी-एसपीवी के प्रबंध निदेशक और सीईओ अखिल कुमार ने कहा कि सीएससी दुनिया के सबसे बड़े अंतिम मील सेवा वितरण नेटवर्क में से एक बन चुका है, जिससे ग्रामीण नागरिकों को आधार, पैन, बैंकिंग, बीमा और पेंशन सेवाएं आसानी से मिल रही हैं। कार्यशाला में ‘ई-मित्र’, ‘ई-सेवा’, ‘मी सेवा’ और अन्य राज्य प्लेटफॉर्मों के प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया, जबकि आईआईटी गुवाहाटी के विशेषज्ञों ने डिजिटल शासन और बहुभाषी तकनीक की भूमिका पर तकनीकी सत्र प्रस्तुत किए। (इनपुट: पीआईबी)


