अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय 14 मई 2026 को “भागीदारी से भाग्योदय” की परिकल्पना के तहत “अल्पसंख्यक कल्याण – विकसित भारत के लिए एआई के माध्यम से समावेशी विकास” विषय पर राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित करेगा। सम्मेलन का उद्देश्य समावेशी शासन को मजबूत करना, नीतिगत पहुंच बढ़ाना और देशभर में अल्पसंख्यक समुदायों के लिए प्रौद्योगिकी आधारित कल्याणकारी पहलों को प्रोत्साहित करना है।
मंत्रालय के अनुसार, यह सम्मेलन विकसित भारत के विजन के अनुरूप सहभागी विकास और सहकारी संघवाद के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
केंद्र और राज्यों के बीच समन्वय पर जोर
सम्मेलन में केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों, वरिष्ठ अधिकारियों, सचिवों तथा राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के प्रतिनिधियों को आमंत्रित किया गया है। कार्यक्रम के दौरान मंत्रालय की कल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर हितधारकों के साथ विचार-विमर्श और परामर्श किया जाएगा।
इस सम्मेलन का उद्देश्य केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना, सर्वोत्तम प्रथाओं का आदान-प्रदान करना और सहयोगात्मक चर्चाओं के माध्यम से अल्पसंख्यक समुदायों तक योजनाओं की पहुंच, पारदर्शिता और लाभ सुनिश्चित करना है।
एआई आधारित समाधान पर विशेष सत्र
अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने शासन, सेवा वितरण और सार्वजनिक नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए अग्रणी एआई कंपनियों को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया है। सम्मेलन में कल्याणकारी कार्यक्रमों की दक्षता, निगरानी और क्रियान्वयन में एआई की भूमिका पर विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
चर्चाओं में डेटा आधारित योजना निर्माण, लाभार्थियों की बेहतर पहचान, निगरानी तंत्र को मजबूत करने और नागरिक-केंद्रित शासन को बढ़ावा देने के लिए एआई आधारित समाधानों के उपयोग पर विशेष फोकस रहेगा।
समावेशी विकास की दिशा में पहल
मंत्रालय का मानना है कि यह सम्मेलन प्रौद्योगिकी-सक्षम और समावेशी अल्पसंख्यक कल्याण के लिए एक दूरदर्शी कार्ययोजना तैयार करने में मदद करेगा। साथ ही यह राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया में सभी समुदायों की समान भागीदारी और सशक्त विकास के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को और मजबूत करेगा। (इनपुट: पीआईबी)


