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राजस्थान में मानसून की एंट्री, 7 दिन की देरी के बाद पूर्वी जिलों में पहुंची बारिश

दक्षिण-पश्चिम मानसून गुरुवार को आखिरकार राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में पहुंच गया। इस बार मानसून ने राज्य में सामान्य तारीख के मुकाबले 7 दिन की देरी से दस्तक दी है।

IMD के ताजा मौसम अपडेट के अनुसार, मानसून की उत्तरी सीमा फिलहाल टोंक, जयपुर और अलवर से होकर गुजर रही है। अगले दो से तीन दिनों में इसके राज्य के अन्य हिस्सों में आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल बनी हुई हैं।

मौसम विभाग के अनुसार गुरुवार को मानसून ने गुजरात के कुछ और हिस्सों, उत्तर प्रदेश के बाकी क्षेत्रों, पूरे दिल्ली क्षेत्र, मध्य प्रदेश के अधिकांश हिस्सों, हरियाणा, पंजाब और पूर्वी राजस्थान तक विस्तार कर लिया है।

फिलहाल मानसून की उत्तरी सीमा पोरबंदर, वल्लभ विद्यानगर, नीमच, टोंक, भिवानी और बठिंडा से होकर गुजर रही है। जयपुर मौसम केंद्र ने अगले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान में सक्रिय मानसून की स्थिति रहने का अनुमान जताया है।

कोटा, अजमेर, भरतपुर और जयपुर संभाग के कई इलाकों में गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है। इसके अलावा कोटा संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश की भी चेतावनी जारी की गई है।

अगले एक से दो दिनों में जयपुर, भरतपुर, कोटा, उदयपुर और अजमेर संभाग में मानसून की गतिविधियां तेज रहने की संभावना है।

पूर्वी राजस्थान के अधिकांश हिस्सों में व्यापक बारिश, कुछ स्थानों पर तेज बारिश और कई जिलों में हल्की से मध्यम वर्षा हो सकती है। जयपुर मौसम केंद्र के निदेशक आर.एस. शर्मा ने लोगों को निचले इलाकों में जलभराव की आशंका को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।

वहीं पश्चिमी राजस्थान में भी मौसम गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं। जोधपुर और बीकानेर संभाग के कुछ क्षेत्रों में आने वाले दिनों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है क्योंकि मानसून धीरे-धीरे पश्चिमी इलाकों की ओर बढ़ रहा है।

मौसम विभाग ने लोगों से आधिकारिक मौसम बुलेटिन पर नजर रखने और भारी बारिश, आकाशीय बिजली तथा तूफानी मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है।

किसानों, यात्रियों और स्थानीय प्रशासन को भी मौसम को देखते हुए जरूरी एहतियात बरतने की सलाह दी गई है।

(इनपुट-आईएएनएस)