रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ ने सोमवार को कहा कि भारत में आयोजित ब्रिक्स समिट पूरी तरह सफल रहा। समिट ने न केवल शांति और विकास को बढ़ावा दिया, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ एक कड़ा और स्पष्ट संदेश भी दिया।
पीएम मोदी का विजन और मजबूत कूटनीति
ब्रिक्स समिट 2026 के बारे में संजय सेठ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “वसुधैव कुटुंबकम” के नज़रिए की खुलकर तारीफ की। उन्होंने इसे मजबूत कूटनीति का बेहतरीन उदाहरण बताया। सेठ ने कहा, “पीएम मोदी की सोच ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की है, जो बहुत ही बेहतरीन कूटनीति है। मोदी जी का विजन दुनिया को शांति और विकास की ओर ले जाने का है। जैसे वे भारत के 140 करोड़ लोगों को अपने परिवार का सदस्य मानते हैं, वैसे ही वैश्विक स्तर पर भी यही दृष्टिकोण काम कर रहा है।”
दिल्ली घोषणापत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण
रक्षा राज्य मंत्री ने दिल्ली घोषणापत्र को विशेष रूप से महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि सभी ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से पहलगाम की घटना की निंदा की। सेठ ने जोर देकर कहा “दिल्ली घोषणापत्र शानदार था। सभी देशों ने आतंकवाद के खिलाफ एक स्वर में कहा कि पहलगाम में हुई बर्बर घटना की निंदा की जानी चाहिए। यह आतंकवाद के लिए एक बड़ा झटका है।”
सभी 11 सदस्य देशों की भागीदारी और भारत की मजबूत प्रस्तुति
सेठ ने बताया कि ब्रिक्स के सभी 11 सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों ने समिट में हिस्सा लिया। उन्होंने सर्वसम्मति से शांति, लोगों के कल्याण और वैश्विक हित की बात की। भारत ने समिट में “ज़बरदस्त और मज़बूत प्रस्तुति” दी, जिसका काफी असर हुआ। समिट ने ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने तथा वैश्विक स्तर पर शांति व विकास को बढ़ावा देने की भारत की प्रतिबद्धता को साफ दिखाया।
महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठकें
समिट के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मुलाकातों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन के साथ बैठकें शामिल रहीं। इन बैठकों में द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय संघर्षों, बहुपक्षीय सहयोग, सीमा पर शांति, समुद्री सुरक्षा और ग्लोबल साउथ की प्राथमिकताओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
पश्चिम एशिया समेत वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
नई दिल्ली घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई गई। इसमें संयम बरतने, स्थिति बिगाड़ने वाली कार्रवाइयों से बचने, आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता के सम्मान तथा बातचीत व कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति स्थापित करने का आह्वान किया गया।
घोषणा में अंतरराष्ट्रीय कानूनों के अनुसार वैश्विक व्यापार, आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा के सुचारू प्रवाह को बनाए रखने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया। रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ का कहना है कि ब्रिक्स समिट 2026 ने एक बार फिर साबित किया कि भारत की अगुवाई में बहुपक्षीय मंच शांति, सहयोग और आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक एकजुटता का मजबूत माध्यम बन सकता है। (इनपुट-एजेंसी)


