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दिल्ली में सीबीजी प्लांट स्थापित करने के लिए एमसीडी-एनडीडीबी के बीच एमओयू, यमुना की सफाई और पशुपालकों की आय बढ़ाने पर फोकस : अमित शाह

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में नई दिल्ली में दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड (एनडीडीबी) ने दिल्ली में गोबर के समुचित उपयोग के लिए कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित करने संबंधी समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। अमित शाह ने कहा कि यह समझौता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के यमुना शुद्धिकरण के संकल्प को पूरा करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है और देश के अन्य बड़े शहरों के लिए भी मॉडल बनेगा।

यमुना में गोबर और गंदे पानी का प्रवाह रोकने की तैयारी

अमित शाह ने कहा कि सरकार ऐसी व्यवस्था कर रही है कि भविष्य में थोड़ा सा भी गोबर यमुना में न पहुंचे। उन्होंने बताया कि गटर के पानी और औद्योगिक अपशिष्ट के शुद्धिकरण के लिए दिल्ली में लगभग 80 ट्रीटमेंट प्लांट्स पर काम शुरू हो चुका है। उन्होंने लक्ष्य दोहराया कि दिसंबर 2028 तक यह सुनिश्चित किया जाएगा कि यमुना नदी में एक भी लीटर गंदा पानी न जाए।

सीबीजी उत्पादन के साथ पशुपालकों की आय भी बढ़ेगी

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि इस पहल से स्वच्छता बढ़ेगी, कंप्रेस्ड बायो-गैस (सीबीजी) का उत्पादन होगा और ऑर्गेनिक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा। साथ ही पशुपालकों की आय में वृद्धि होगी। उन्होंने बताया कि समझौते के तहत गोबर उपलब्ध कराने वाले पशुपालकों को प्रति किलोग्राम 1 रुपए देने का प्रावधान किया गया है।

नांगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर में होगा अपशिष्ट का प्रसंस्करण

अमित शाह ने कहा कि नांगली, घोघा-गोयला और गाजीपुर अपशिष्ट निस्तारण प्लांट्स में गोबर के प्रसंस्करण का कार्य किया जाएगा। उन्होंने कहा कि दिल्ली में लगभग सवा लाख मवेशियों से निकलने वाले अपशिष्ट के वैज्ञानिक निस्तारण के बिना यमुना को स्वच्छ बनाना संभव नहीं है।

देशभर के महानगरों के लिए बनेगा मॉडल

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि यह पहल न केवल दिल्ली, बल्कि देश के सभी महानगरों के लिए एक मॉडल साबित होगी। उन्होंने कहा कि भविष्य में गोबर प्रसंस्करण की यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंचेगी, जिससे करोड़ों पशुपालकों को लाभ मिलेगा और स्वच्छता के साथ-साथ हरित ऊर्जा उत्पादन को भी बढ़ावा मिलेगा। (इनपुट: पीआईबी)