राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस: सरकारी डिजिटल पहल से सशक्त हो रहे उपभोक्ता

भारत में प्रत्येक वर्ष 24 दिसंबर को राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस मनाया जाता है। यह दिवस उपभोक्ता अधिकारों के महत्व और उपभोक्ता संरक्षण के व्यापक ढांचे को रेखांकित करता है। इसी दिन उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति की स्वीकृति प्राप्त हुई थी, जिसके तहत उपभोक्ताओं के लिए अधिकारों का एक व्यापक ढांचा स्थापित किया गया।

उपभोक्ता दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देना है

राष्ट्रीय उपभोक्ता दिवस का उद्देश्य उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना और निष्पक्ष व्यापार प्रथाओं को बढ़ावा देना है। हर वर्ष यह दिवस एक विशेष विषय के साथ मनाया जाता है। इस वर्ष इसका विषय ‘डिजिटल न्याय के साथ सक्षम और त्वरित निष्पादन’ रखा गया है।

केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बेहतर संरक्षण प्रदान करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू किया

केंद्र सरकार ने उपभोक्ताओं को बेहतर संरक्षण प्रदान करने के लिए उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 लागू किया, जो 20 जुलाई 2020 से प्रभाव में आया। यह कानून वर्ष 1986 के उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम का स्थान लेता है और विवाद निपटान तथा बाजार जवाबदेही के लिए एक आधुनिक और प्रभावी ढांचा उपलब्ध कराता है। इसका उद्देश्य उपभोक्ता कल्याण की रक्षा करना और व्यावसायिक लेन-देन में निष्पक्षता को सुनिश्चित करना है।

उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई डिजिटल पहल भी शुरू की है

उपभोक्ता हितों को ध्यान में रखते हुए सरकार ने कई डिजिटल पहलें भी शुरू की हैं। इनमें ई-जागृति पहल प्रमुख है, जिसे 1 जनवरी 2025 को लॉन्च किया गया। यह उपभोक्ता शिकायत निवारण के लिए एक महत्वपूर्ण डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में तेजी से उभरा है।

यह मंच अब एनसीडीआरसी के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय

ई-जागृति मंच ने पूर्व की प्रणालियों- ओसीएमएस, ई-दाखिल, एनसीडीआरसी सीएमएस और कॉन्फोनेट- को एकीकृत कर एकल, सुव्यवस्थित इंटरफेस उपलब्ध कराया है। इससे न केवल पहुंच बढ़ी है, बल्कि प्रक्रियाएं भी सरल हुई हैं। यह मंच अब एनसीडीआरसी के साथ-साथ सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय है।

इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1.35 लाख से अधिक मामलों का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.31 लाख से अधिक मामलों का निपटारा

नवंबर 2025 के मध्य तक इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1.35 लाख से अधिक मामलों का पंजीकरण किया गया, जबकि 1.31 लाख से अधिक मामलों का निपटारा संभव हो पाया है। इसके तहत 2.81 लाख से अधिक पंजीकृत उपयोगकर्ता जुड़े हैं, जिनमें 1,400 से अधिक गैर-निवासी भारतीय (एनआरआई) शामिल हैं। एनआरआई द्वारा कुल 466 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें संयुक्त राज्य अमेरिका (146), यूनाइटेड किंगडम (52), यूएई (47), कनाडा (39), ऑस्ट्रेलिया (26) और जर्मनी (18) प्रमुख देश रहे।

राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को किया अपग्रेड

उपभोक्ता मामलों के विभाग ने राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन (एनसीएच) को भी अपग्रेड किया है और एआई-सक्षम एनसीएच 2.0 को पेश किया गया है। यह प्रणाली बहुभाषी सहायता, चैटबॉट आधारित संवाद और तेज शिकायत निपटान की सुविधा प्रदान करती है। इसके माध्यम से उपभोक्ता ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर सकते हैं, पूर्व-मुकदमेबाजी समाधान प्राप्त कर सकते हैं और अपने अधिकारों से जुड़ी जानकारी हासिल कर सकते हैं।

‘जागो ग्राहक जागो’ ऐप प्रदान करता है सत्यापित ई-कॉमर्स जानकारी

उन्नत तकनीकी समाधानों के एकीकरण से राष्ट्रीय उपभोक्ता हेल्पलाइन की पहुंच और परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। एनसीएच पर प्राप्त कॉल्स की संख्या दिसंबर 2015 में 12,553 से बढ़कर दिसंबर 2024 में 1,55,138 हो गई है। इसके अलावा, ‘जागो ग्राहक जागो’ ऐप सत्यापित ई-कॉमर्स जानकारी प्रदान करता है और उपयोगकर्ताओं को संभावित असुरक्षित वेबसाइटों के प्रति सचेत करता है। वहीं, जागृति ऐप उपभोक्ताओं को संदिग्ध यूआरएल की जानकारी सीधे केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण को देने में सक्षम बनाता है। (इनपुट: आईएएनएस)