राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 की घोषणा, 17 परियोजनाओं और पहलों को मिला सम्मान

ई-गवर्नेंस के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान और नवाचार को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार (एनएईजी) 2026 की घोषणा कर दी गई है। इस वर्ष सात श्रेणियों में कुल 17 परियोजनाओं और पहलों का चयन किया गया है। इनमें 10 स्वर्ण पुरस्कार, 6 रजत पुरस्कार और 1 जूरी पुरस्कार शामिल हैं। पुरस्कारों का उद्देश्य डिजिटल माध्यमों से सरकारी सेवाओं की पहुंच और प्रभावशीलता बढ़ाने वाले प्रयासों को सम्मानित करना है।

डिजिटल नवाचार और सेवा वितरण को मिली पहचान

एनएईजी 2026 में केंद्र सरकार, राज्य सरकारों, जिला प्रशासन, ग्राम पंचायतों और विभिन्न संस्थानों की उन पहलों को सम्मानित किया गया है, जिन्होंने तकनीक के माध्यम से सेवा वितरण, पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाया है। इस वर्ष ग्राम पंचायत श्रेणी को भी विशेष महत्व दिया गया, जिससे जमीनी स्तर पर डिजिटल शासन को बढ़ावा देने वाले प्रयासों को पहचान मिली।

10 परियोजनाओं को मिला स्वर्ण पुरस्कार

स्वर्ण पुरस्कार प्राप्त करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय की ‘एग्री स्टैक’, उपभोक्ता मामले मंत्रालय की ‘ई-जागृति’, प्रयागराज मेला प्राधिकरण की ‘महाकुंभ 2025’, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय की एआई-सक्षम ‘ई-संजीवनी’ प्रणाली और भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद की आईसीएमआर-माइंड्स परियोजना शामिल हैं।

न्यायिक और अंतरिक्ष क्षेत्र की डिजिटल पहलों को सम्मान

इसके अलावा केरल उच्च न्यायालय की जिला न्यायालय केस मैनेजमेंट प्रणाली, अंतरिक्ष अनुप्रयोग केंद्र-इसरो की साइबर सुरक्षा परियोजना, शहरी विकास एवं आवास विभाग की ई-नगर पालिका साइबर सुरक्षा पहल और बैंक ऑफ बड़ौदा के एकीकृत साइबर सुरक्षा ढांचे को भी स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।

रजत पुरस्कार विजेताओं में स्थानीय निकायों की मजबूत मौजूदगी

रजत पुरस्कार पाने वाली परियोजनाओं में महाराष्ट्र के नंदुरबार जिला परिषद की ‘ई-आरोग्य धामनी’, पुणे नगर निगम की ‘पुणे 360’, महाराष्ट्र के सांगली जिले की काडेपुर ग्राम पंचायत, त्रिपुरा के पश्चिम त्रिपुरा जिले की बिजय नगर ग्राम पंचायत, उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर ट्रस्ट की एआई आधारित ‘त्रिनेत्र’ निगरानी प्रणाली और पंचायती राज मंत्रालय का ‘पंचायत उन्नति सूचकांक’ शामिल हैं।

सर्वे ऑफ इंडिया को मिला जूरी पुरस्कार

इस वर्ष का जूरी पुरस्कार सर्वे ऑफ इंडिया को ‘सीओआरएस नेटवर्क के माध्यम से वास्तविक समय में सटीक स्थिति निर्धारण सेवाएं’ परियोजना के लिए प्रदान किया गया है। इस पहल को भू-स्थानिक सेवाओं और सटीक डेटा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए सराहा गया।

सात श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 के तहत सरकारी प्रक्रियाओं के डिजिटलीकरण, एआई और उभरती तकनीकों के उपयोग, साइबर सुरक्षा नवाचार, जिला स्तरीय ई-गवर्नेंस पहल, ग्राम पंचायत स्तर पर सेवा वितरण, मिशन मोड परियोजनाओं के विस्तार और डेटा एनालिटिक्स आधारित डिजिटल परिवर्तन जैसी सात श्रेणियों में पुरस्कार प्रदान किए गए हैं।

स्वर्ण विजेताओं को 10 लाख और रजत विजेताओं को 5 लाख रुपए

पुरस्कारों में ट्रॉफी और प्रमाण पत्र के साथ स्वर्ण पुरस्कार विजेताओं को 10 लाख रुपए तथा रजत पुरस्कार विजेताओं को 5 लाख रुपए की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि संबंधित मंत्रालय, विभाग, राज्य, केंद्र शासित प्रदेश, जिला, संगठन या ग्राम पंचायत द्वारा सार्वजनिक कल्याण से जुड़े कार्यों और परियोजनाओं में उपयोग की जा सकेगी।

जयपुर में होगा पुरस्कार वितरण समारोह

राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 का औपचारिक वितरण समारोह जयपुर में आयोजित होने वाले ई-गवर्नेंस पर 29वें राष्ट्रीय सम्मेलन के दौरान किया जाएगा। इस अवसर पर देशभर की उत्कृष्ट डिजिटल शासन पहलों को मंच प्रदान किया जाएगा। (इनपुट: पीआईबी)

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