राष्ट्रीय मछुआरा दिवस : केंद्र सरकार ने मछली निर्यात को दोगुना करने का रखा लक्ष्य, सभी मछुआरों को मिलेगी ट्रेनिंग

राष्ट्रीय मछुआरा दिवस के अवसर पर केंद्र सरकार ने मछली पालन और निर्यात को लेकर एक बड़ी घोषणा की है। केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्री राजीव रंजन सिंह ने बीते बुधवार को भुवनेश्वर में कहा कि सरकार भारत का मछली निर्यात दोगुना करने के लक्ष्य पर काम कर रही है। उन्होंने यह भी बताया कि देशभर के मछुआरों और किसानों को नई तकनीकों और वैज्ञानिक तरीकों से प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उत्पादन और आय दोनों बढ़ाई जा सकें।

भुवनेश्वर स्थित आईसीएआर-सेंट्रल इंस्टीट्यूट ऑफ फ्रेशवाटर एक्वाकल्चर (CIFA) में मत्स्य पालन प्रदर्शनी का उद्घाटन करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत का वर्तमान मछली निर्यात 60,500 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, और सरकार इसे आने वाले वर्षों में दोगुना करने के लिए प्रतिबद्ध है।

राजीव रंजन सिंह ने कहा, “आईसीएआर ने जिन तकनीकों को विकसित किया है, वे मछली उत्पादन को बढ़ाने में सक्षम हैं और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकती हैं। हमारी कोशिश है कि ये तकनीकें देश के हर मछुआरे तक पहुंचें।” इसके लिए सरकार कौशल विकास और प्रशिक्षण पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि सरकार जल्द ही मत्स्य पालन प्रबंधन, वैज्ञानिक प्रजनन और एकीकृत खेती मॉडल पर आधारित नई योजनाएं शुरू करेगी। इन योजनाओं का मकसद किसानों और मछुआरों की भागीदारी बढ़ाना और भारत को मछली पालन के क्षेत्र में वैश्विक नेतृत्व दिलाना है।

केंद्रीय मंत्री ने बताया कि पिछले 11 वर्षों में भारत का मछली उत्पादन 95.79 लाख टन से बढ़कर 195 लाख टन तक पहुंच चुका है। इसमें खास बात यह है कि अंतर्देशीय (इनलैंड) मत्स्य पालन में 140% की बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने गुणवत्ता, स्थिरता और अंतरराष्ट्रीय मानकों को बनाए रखने की जरूरत पर भी जोर दिया। इस मौके पर केंद्रीय राज्य मंत्री प्रो. एस.पी. सिंह बघेल, जॉर्ज कुरियन और ओडिशा के मत्स्य पालन मंत्री गोकुलानंद मलिक भी मौजूद रहे।-(IANS)

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