राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार 2024 : पीयूष गोयल ने नवाचार को बताया विकसित भारत की कुंजी

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा (IP) पुरस्कार 2024 समारोह में कहा कि नवाचार (Innovation) विकसित भारत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह कार्यक्रम बुधवार को नई दिल्ली स्थित भारत मंडपम में आयोजित हुआ, जिसमें दिल्ली हाई कोर्ट की जज न्यायमूर्ति प्रतिभा मनिंदर सिंह भी मौजूद रहीं।

राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार हर साल उन व्यक्तियों, संस्थानों और कंपनियों को दिया जाता है, जिन्होंने बौद्धिक संपदा सृजन और व्यवसायीकरण में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह पुरस्कार भारत में IP इकोसिस्टम को मजबूत करने और नवाचार को बढ़ावा देने में मदद करता है।

भारत बना दुनिया का छठा सबसे बड़ा ट्रेडमार्क फाइलिंग देश : पीयूष गोयल

गोयल ने कहा कि केंद्र सरकार ने IP प्रणाली को मजबूत करने के लिए कई सुधार किए हैं। उन्होंने बताया कि वैश्विक नवाचार सूचकांक (GII) में भारत की रैंकिंग 2015 में 81वें स्थान से सुधरकर अब 39वें स्थान पर पहुंच गई है। भारत अब दुनिया में छठा सबसे बड़ा ट्रेडमार्क फाइलिंग देश बन गया है। पिछले वर्ष भारत में लगभग 1 लाख पेटेंट स्वीकृत किए गए। महिलाओं, स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए फीस में 80% की छूट दी गई है, ताकि अधिक लोग IP संरक्षण की ओर बढ़ सकें। सरकार ने ट्रेडमार्क और पेटेंट प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाने के लिए तकनीकी सुधार किए हैं, जिससे आवेदन तेजी से निपटाए जा रहे हैं।

केंद्रीय मंत्री गोयल ने बौद्धिक संपदा संरक्षण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि ट्रेडमार्क खोज और IP प्रवर्तन में इन आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल जरूरी है। उन्होंने अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई और बताया कि सरकार अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन (NRF) के माध्यम से विज्ञान और तकनीक में शोध को प्रोत्साहित कर रही है। यह पहल सरकार, निजी क्षेत्र और शिक्षा संस्थानों के बीच साझेदारी को मजबूत करेगी।

राष्ट्रीय बौद्धिक संपदा पुरस्कार समारोह 2024 में कुल 13 श्रेणियों में दिए गए पुरस्कार

इस वर्ष राष्ट्रीय IP पुरस्कार 2024 के तहत 13 श्रेणियों में पुरस्कार दिए गए। प्रमुख विजेताओं में शीर्ष भारतीय व्यक्ति (पेटेंट) श्रेणी में सिद्रामप्पा शिवशंकर धराने (पुरुष) और डॉ. स्वगतिका पांडा (महिला) को सम्मानित किया गया। शीर्ष भारतीय अकादमिक संस्थान (पेटेंट) श्रेणी में आईआईटी कानपुर ने पुरस्कार प्राप्त किया। शीर्ष MSME (पेटेंट फाइलिंग) का सम्मान वेस्ट बंगाल केमिकल इंडस्ट्रीज लिमिटेड को मिला, जबकि शीर्ष स्टार्टअप (IP फाइलिंग) का पुरस्कार Numeros Motors Pvt. Ltd. को दिया गया। शीर्ष सार्वजनिक/निजी कंपनी (पेटेंट फाइलिंग) श्रेणी में Tata Steel Limited (मैन्युफैक्चरिंग) और Jio Platforms Limited (सेवा क्षेत्र) ने पुरस्कार जीते।

इस बार राष्ट्रीय IP पुरस्कारों को विश्व बौद्धिक संपदा संगठन (WIPO) पुरस्कारों के साथ जोड़ा गया। इसमें WIPO IP एंटरप्राइज ट्रॉफी Jio Platforms Limited और Tata Steel Limited को प्रदान की गई। WIPO इन्वेंटर्स मेडल सिद्रामप्पा शिवशंकर धराने को मिला, जबकि WIPO यूजर्स ट्रॉफी Biocon Biologics Limited और IIT कानपुर को प्रदान की गई।

गोयल ने न्यायपालिका से IP मामलों के लिए विशेष पीठ (बेंच) बनाने का आग्रह किया, ताकि ऐसे मामलों का तेजी से निपटारा हो सके। उन्होंने युवा कानून छात्रों के लिए IP क्षेत्र में इंटर्नशिप कार्यक्रम शुरू करने का भी सुझाव दिया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हवाला देते हुए कहा, “विज्ञान का महत्व केवल आविष्कार में नहीं, बल्कि अंतिम व्यक्ति की आकांक्षाओं को पूरा करने में भी है।”